सुनील शर्मा
नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने महान देशभक्त, प्रखर राष्ट्रवादी साहित्यकार और ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए एक संदेश में अमित शाह ने राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान और उनके साहित्यिक ओज का स्मरण किया।
भारतीय स्वाभिमान के पुनर्जागरण के अग्रदूत
अमित शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने उस दौर में भारतीय जनमानस को चेतना प्रदान की, जब देश बाहरी आक्रांताओं और ब्रिटिश शासन के शोषण से जूझ रहा था। उन्होंने कहा:
”बंकिम बाबू ने मुगल आक्रांताओं और अंग्रेजी शासकों के शोषण और अन्याय से आहत भारतीय स्वाभिमान को जगाने का अविस्मरणीय कार्य किया।”
’वन्दे मातरम्’: एकता और राष्ट्रभक्ति का मंत्र
गृह मंत्री ने ‘वन्दे मातरम्’ की शक्ति को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे एक रचना ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरो दिया। उनके संदेश के मुख्य बिंदु:
- एकता का स्वर: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने ‘वन्दे मातरम्’ के माध्यम से भाषा, क्षेत्र और प्रांतों में बंटी आजादी की लड़ाई को एक सामूहिक स्वर और नई शक्ति प्रदान की।
- जीवंत माँ भारती: उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ ने देशवासियों के सामने माँ भारती के विशाल और गौरवशाली स्वरूप को जीवंत किया।
- युवाओं के प्रेरणास्रोत: उनके लेखन ने अनगिनत युवाओं को मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने हेतु प्रेरित किया।
राष्ट्र रहेगा सदैव ऋणी
अमित शाह ने अपने संदेश के अंत में कहा कि यह देश, भारतीय सभ्यता और यह महान संस्कृति, बंकिम बाबू के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगी। उनके कालजयी साहित्य ने न केवल आजादी के आंदोलन को वैचारिक आधार दिया, बल्कि आज भी वह करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का पुंज है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का योगदान अनंत काल तक भारतीय इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
