फिर मिलने के वायदे के साथ ‘प्रवाह’ ने कहा अलविदा: एसकेआईटी कॉलेज का छह दिवसीय वार्षिकोत्सव संपन्न
| रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) का बहुप्रतीक्षित छह दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘प्रवाह’ रविवार को कॉलेज के भव्य वार्षिक समारोह के साथ संपन्न हुआ। उत्सव के अंतिम दिन विद्यार्थियों का उत्साह चरम पर रहा और कैंपस ‘फिर मिलने के वायदे’ के साथ विदाई के सुरों से गूँज उठा।
सफलता के साथ विनम्रता भी जरूरी: कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए डॉ. सोनी ने कहा कि कामयाबी की परिभाषा केवल ऊंचे पदों या सफलता को हासिल करना नहीं है, बल्कि जीवन में विनम्रता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता मेटाक्यूब सॉफ्टवेयर के सह-संस्थापक पारिजात अग्रवाल ने की, जबकि इन्फोसिस लिमिटेड के ग्रुप प्रोजेक्ट मैनेजर मनन गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
स्मृति चिह्नों से हुआ अतिथियों का अभिनंदन
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संस्थान के अध्यक्ष सुरजा राम मील, निदेशक जयपाल मील और निदेशक (अकादमिक) प्रो. एस.एल. सुराणा ने अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। प्रो. सुराणा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कॉलेज की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक उपलब्धियों का ब्यौरा दिया गया।
इस अवसर पर कॉलेज रजिस्ट्रार रचना मील, प्राचार्य प्रो. रमेश कुमार पचार, वाईस चेयरमैन अनिल बाफना और डीन डॉ. आर.के. जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नवरस की थीम पर सांस्कृतिक संध्या का जादू
वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन इंजीनियरिंग के छात्रों ने साबित कर दिया कि वे तकनीकी कौशल के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी माहिर हैं। सांस्कृतिक संध्या ‘नवरस’ की थीम पर आधारित रही, जिसमें जीवन के विभिन्न भावों को बखूबी उकेरा गया:
- शिव तांडव: नृत्य के माध्यम से भगवान शिव की शक्ति और रौद्र रूप का शानदार प्रदर्शन किया गया।
- ऑपरेशन सिंदूर: देशभक्ति से ओत-प्रोत इस प्रस्तुति ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए और पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
- नवरस प्रस्तुति: नाटकों और नृत्य के जरिए श्रृंगार, करुणा, वीर, हास्य, वीभत्स, अद्भुत, भयानक, रौद्र और शांत रस का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गायन और नाटक की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों ने पूरे ऑडिटोरियम को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और ‘प्रवाह’ के इस सफर को अगले वर्ष फिर से दोहराने के संकल्प के साथ समारोह का समापन हुआ।
