| नरेश गुनानी / किशनगढ़ बास
किशनगढ़ बास। फाल्गुन शुक्ल एकादशी के पावन अवसर पर समूचा किशनगढ़ बास क्षेत्र ‘जय श्री श्याम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्री श्याम बाबा के 52वें वार्षिकोत्सव और फाल्गुनी लक्खी मेले के तहत रविवार को दिनभर धार्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह केसरिया ध्वजों के साथ निकली पदयात्राओं ने जहां जोश भरा, वहीं रात्रि में निकली भव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
सुबह: भजनों की धुन पर निकली निशान यात्राएं
रविवार सुबह से ही किशनगढ़ बास के विभिन्न मोहल्लों और श्रद्धालु समूहों द्वारा गाजे-बाजे के साथ ध्वज (निशान) यात्राएं निकाली गईं।
- भक्ति का उल्लास: श्रद्धालु डीजे पर बज रहे श्याम बाबा के कर्णप्रिय भजनों पर झूमते-नाचते हुए बास कृपाल नगर स्थित श्याम मंदिर के लिए रवाना हुए।
- श्रद्धालुओं की भागीदारी: केसरिया और नीले ध्वज थामे पैदल यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल थे। मंदिर पहुंचकर भक्तों ने बाबा के चरणों में निशान अर्पित किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
- सेवा और सत्कार: यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। सेवादारों द्वारा शीतल जल और शरबत की व्यवस्था की गई, जिससे तपती धूप में भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
दोपहर: भंडारों में उमड़ी भीड़
धार्मिक आयोजनों की कड़ी में कस्बे में कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। विशेष रूप से पंचायत समिति के सामने स्थित करणी मार्केट में आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा का प्रसाद ग्रहण किया। नगर में जगह-जगह सेवा शिविरों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
रात्रि: सजीव झांकियों ने बिखेरी धार्मिक छटा
रविवार रात्रि को बास कृपाल नगर से भव्य धार्मिक झांकियां निकाली गईं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं।
- भ्रमण मार्ग: ये झांकियां खैरथल रोड, मुख्य बाजार, तोप चौराहा, तिजारा रोड, गंज रोड और गंज गांव सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरीं।
- भव्य स्वागत: पूरे कस्बे में भ्रमण के दौरान जगह-जगह कस्बावासियों ने झांकियों की आरती उतारी, पुष्प वर्षा की और प्रसाद वितरण किया। सजीव झांकियों और मनमोहक प्रकाश व्यवस्था ने रात्रिकालीन वातावरण को दिव्य बना दिया।
प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा
मेले और शोभायात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।
रविवार को आयोजित इन कार्यक्रमों ने न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया, बल्कि किशनगढ़ बास में आपसी भाईचारे और अटूट आस्था की एक नई मिसाल पेश की।
