छत्तीसगढ़ के 3 हजार सरकारी फार्मासिस्ट होंगे सीधे लाभान्वित
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
रायगढ़। देशभर में कार्यरत फार्मासिस्टों के लिए ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने ‘फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025’ का प्रस्तावित ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट को पीसीआइ की 120वीं केंद्रीय परिषद की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद अब इसे सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भेजकर 90 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की गई हैं।
पहली बार देश में बनेगा फार्मासिस्ट्स का स्वतंत्र कैडर
यदि यह ड्राफ्ट लागू होता है तो भारत में पहली बार फार्मासिस्टों का स्वतंत्र कैडर स्थापित होगा। प्रस्तावित ढांचे के बाद सरकारी सेवा में तैनात फार्मासिस्टों को “फार्मेसी ऑफिसर” के पदनाम से पहचाना जाएगा। नाम बदलने के साथ-साथ उनकी सेवा शर्तें, जिम्मेदारियाँ, प्रशिक्षण और प्रमोशन व्यवस्था भी पूरे देश में एकरूप हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ के 3 हजार फार्मासिस्ट्स को मिलेगा सीधा लाभ
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में इस समय करीब 3,000 नियमित फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। प्रस्तावित विनियम लागू होने पर इन सभी कर्मचारियों को पदनाम उन्नयन के साथ-साथ करियर प्रगति, उच्च जिम्मेदारियाँ और संरचित प्रमोशन पथ का लाभ मिलेगा।
ड्राफ्ट के प्रमुख बिंदु
- एकसमान कैडर: पूरे देश में फार्मासिस्टों के लिए समान सेवा ढांचा।
- पदनाम उन्नयन: फार्मासिस्ट → फार्मेसी ऑफिसर।
- नियुक्ति व पदोन्नति नियमों का मानकीकरण: योग्यता, अनुभव और प्रोफेशनल ट्रेनिंग आधारित प्रमोशन प्रणाली।
- फार्मेसी शिक्षा और पंजीकरण के मानक: प्रशिक्षण, लाइसेंसिंग और कार्यक्षमता पर स्पष्ट दिशानिर्देश।
- स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार: दवा प्रबंधन और रोगी सुरक्षा में फार्मासिस्टों की भूमिका मजबूत होगी।
पीसीआइ ने अपने पत्र में कहा है कि “स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के नाते फार्मासिस्टों के लिए एक समान कैडर पूरे देश में सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करेगा।”
एसोसिएशन का रुख
छत्तीसगढ़ फार्मासिस्ट एसोसिएशन लंबे समय से
- ग्रेड पे 4200 किए जाने
- और पदनाम बदलकर फार्मेसी ऑफिसर करने
की मांग उठा रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि पीसीआइ के इस कदम से उनकी वर्षों पुरानी मांगें मजबूत हुई हैं और अब राज्य सरकार को इसे जल्द लागू करना चाहिए।
राज्यों द्वारा 90 दिनों में अपनी प्रतिक्रिया भेजने के बाद पीसीआइ अंतिम संशोधन कर नियमावली को अनुमोदन के लिए भेजेगी। ड्राफ्ट के लागू होने के बाद फार्मासिस्टों का करियर ग्राफ और सेवा स्थितियाँ देश में पहली बार एक समान और सुव्यवस्थित हो जाएंगी।