जयपुर | 28 जुलाई 2026 | गौरव कोचर – कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए राजस्व को चूना लगाने वालों के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में विभाग की जयपुर जोन-3 टीम ने जयपुर जिले के फागी स्थित मैसर्स जिनेन्द्र ऑयल मिल पर अचानक सर्वे और निरीक्षण की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के बाद दबाव में आई फर्म ने 37 लाख रुपये की कर राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई है।
माल की आपूर्ति के बिना लिया ITC का फायदा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि मिल प्रबंधन द्वारा वास्तविक रूप से माल (Raw Material/Goods) प्राप्त किए बिना ही केवल कागजों पर फर्जी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा रहा था।
- फर्जीवाड़ा: बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करना।
- तत्काल रिकवरी: कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 37 लाख रुपये का टैक्स स्वैच्छिक जमा कराया गया।
- संभावित कर देयता: विभागीय टीम द्वारा दस्तावेजों के प्रारंभिक विश्लेषण के आधार पर लगभग 50 लाख रुपये की अतिरिक्त संभावित कर देयता भी चिह्नित की गई है।
मोबाइल और दस्तावेज जब्त, जांच तेज
कार्रवाई के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने मौके से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
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- अभिलेख एवं डिजिटल साक्ष्य: फर्म के लेखा-जोखा से जुड़े आवश्यक अभिलेखों के साथ-साथ संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए हैं।
- नोटिस जारी: संबंधित अधिकारियों/संचालकों को मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का संदेश: वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार फर्जी बिलिंग और गलत तरीके से ITC उठाने वाली फर्मों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे कर चोरी का कुल आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।