प्रवासी राजस्थानी दिवस—2025 में ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष सत्र
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर केंद्रित होगा विमर्श, रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन के नए आयाम होंगे प्रस्तुत
| नरेश गुनानी
04 दिसंबर 2025, जयपुर।
राजस्थान सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ऊर्जा संरचना तेजी से विकसित हो रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में आगामी 10 दिसंबर को होने जा रहे प्रवासी राजस्थानी दिवस—2025 में ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस सत्र का उद्देश्य नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भविष्य की ऊर्जा रणनीति को और मजबूत करना है।
विशेष विषय—‘पॉलिसी टू प्रैक्टिस : द इवोल्विंग रोल ऑफ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम इन आरई इंटीग्रेशन’
इस सत्र में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की भूमिका पर चर्चा होगी। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के तेजी से विस्तार के साथ ऊर्जा भंडारण प्रणाली ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर और सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में बड़े उद्योगिक समूह, बिजली वितरण कंपनियां और नीति निर्माता BESS को भविष्य की जरूरत के रूप में देख रहे हैं।
राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता लगातार बढ़ रही है और ऐसे में ऊर्जा भंडारण के उन्नत मॉडल, वित्तीय व्यवहार्यता, तकनीकी ढांचा और प्रोत्साहन नीतियां इस चर्चा के प्रमुख बिंदु होंगे।
विशेषज्ञों का होगा संबोधन
सत्र के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें विशेष रूप से—
उद्योग जगत से
- सुमंत सिन्हा, चेयरमैन, रिन्यू पावर लिमिटेड
- अक्षय हीरानंदानी, सीईओ, सेरेनटिका रिन्यूएबल्स
- सुमन कुमार, सीईओ, ब्रुकफील्ड रिन्यूएबल्स
इन विशेषज्ञों ने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने में और आधुनिक ऊर्जा तकनीक के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख संस्थाएं
- प्रदीप कुमार दास, सीएमडी, IREDA
- आर.के. त्यागी, सीएमडी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन
- घनश्याम प्रसाद, चेयरमैन, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी
वैश्विक एवं निजी क्षेत्र से
- डॉ. प्रवीर सिन्हा, एमडी, टाटा पावर
- आशीष खन्ना, डायरेक्टर जनरल, इंटरनेशनल सोलर अलायंस
इनकी उपस्थिति से नीतिगत दिशा, रेगुलेटरी सुधार, तकनीक अपनाने और बाजार की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण बिंदु उभरकर सामने आएंगे।
ऊर्जा परिदृश्य में नए अवसर और संकेत
इस सत्र के माध्यम से—
ऊर्जा भंडारण तकनीकों की प्रगति
निवेश संभावनाएं
नवीकरणीय ऊर्जा की मौजूदा चुनौतियां
ट्रांसमिशन-डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क में सुधार
नीतिगत समाधान
जैसी विषयगत चर्चाओं से राज्य के ऊर्जा परिदृश्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राज्य के विकास एजेंडे को मिलेगा बल
राजस्थान बढ़ते औद्योगिक निवेश, ऊर्जा निर्यात क्षमता और बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्धता के कारण नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में प्रवासी राजस्थानियों की सहभागिता, तकनीकी समझ और निवेश संकेत इस आयोजन के माध्यम से सुदृढ़ होंगे।
सत्र से ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य की रणनीतियों को स्पष्ट दिशा मिलेगी और राज्य की ऊर्जा गतिशीलता को नए अवसरों के साथ विस्तार मिलेगा।