प्रवासी राजस्थानी दिवस में आईआईटी हैदराबाद व धनबाद से समझौते, खनिज खोज में एआई-एमएल का उपयोग

प्रवासी राजस्थानी दिवस में आईआईटी हैदराबाद व धनबाद से समझौते, खनिज खोज में एआई-एमएल का उपयोग

08 दिसंबर 2025, जयपुर

| नरेश गुनानी

प्रवासी राजस्थानी दिवस के दौरान राजस्थान के माइनिंग सेक्टर में दो महत्वपूर्ण समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, जिससे प्रदेश खनन क्षेत्र में नई तकनीक के उपयोग के साथ एक नए युग में प्रवेश करेगा। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य में क्रिटिकल और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए माइंस सेक्टोरल सेशन में आरएसएमईटी और आईआईटी हैदराबाद के बीच एमओयू हस्ताक्षरित होगा।

एआई-एमएल के सहयोग से खनिज खोज में नया अध्याय

मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजनलाल शर्मा ने खनन एवं खनिज खोज में आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग और शोध आधारित विकास पर बल दिया है। इसी दृष्टिकोण के तहत आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से एआई-एमएल आधारित परियोजना को चार चरणों में लागू किया जाएगा, जिसे पूरा होने में लगभग 18 माह लगेंगे।

राज्य के 39 जिलों के भूवैज्ञानिक, भूरासायनिक, भूभौतिकीय, रिमोट सेंसिंग एवं सेटेलाइट इमेजरी डेटा को एकीकृत कर प्रदेश में तांबा, जिंक, ग्रेफाइट, लिथियम, कोबाल्ट, निकल तथा रेयर अर्थ एलिमेंट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। इससे उत्तरदायी खनिज विकास मॉडल तैयार होगा और भविष्य की खनन नीति का रोडमैप तय किया जा सकेगा।

खदान डम्प्स और टेलिंग्स का वैज्ञानिक मूल्यांकन

प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम के दौरान दूसरा महत्वपूर्ण समझौता आइआईटी आईएसएम धनबाद और आरएसएमईटी के बीच हस्ताक्षरित होगा। यह परियोजना राज्य में चिन्हित 80 खदान डम्प्स और टेलिंग्स का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी। यह एक वर्षीय परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी।

परियोजना के तहत डम्प्स का जियो-रेफरेंस्ड डेटाबेस तैयार किया जाएगा, मैपिंग, सैंपलिंग, मिनरलॉजिकल एनालिसिस तथा संसाधनों का आकलन किया जाएगा। इन डम्प्स में टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकल एवं रेयर अर्थ तत्वों की उपलब्धता की संभावना का वैज्ञानिक परीक्षण होगा।

आत्मनिर्भर भारत में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका

प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार के क्रिटिकल मिनरल मिशन में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वैश्विक स्तर पर रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा घोषित महत्वाकांक्षी मिशन में राज्य एक प्रमुख भागीदार है। यह पहल प्रदेश में खनिज संसाधनों के आधुनिक एवं वैज्ञानिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

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