प्रवासी राजस्थानी दिवस पर एमएसएमई को प्रोत्साहन देने की मांग – आरतिया
18 सितंबर 2025, लोकेंद्र सिंह शेखावत, टेलीग्राफ टाइम्स।
जयपुर। आगामी 10 दिसंबर 2025 को जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस समारोह को लेकर अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) ने राज्य सरकार से एमएसएमई क्षेत्र को बूस्टर स्तर पर प्रोत्साहित करने की मांग की है।
आरतिया के वरिष्ठ पदाधिकारी विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ और प्रेम बियाणी ने कहा कि राजस्थान में रीको द्वारा विकसित 424 औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 44 हजार औद्योगिक इकाइयाँ संचालित हैं। इनमें 98 प्रतिशत से अधिक इकाइयाँ एमएसएमई क्षेत्र की हैं, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराते हुए प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई हैं।
जिला उद्योग केंद्रों में निवेशक सुविधा केंद्र का प्रस्ताव
आरतिया पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश, अजय गुप्ता और कैलाश शर्मा ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सभी जिला उद्योग केंद्रों में एमएसएमई निवेशक सुविधा केंद्रों में पाँच सदस्यीय टीमें नियुक्त की जाएँ। इसमें प्रवासी प्रतिनिधि, स्थानीय उद्यमी, स्थानीय कारोबारी, वित्तीय विशेषज्ञ और प्रदेश स्तरीय कारोबारी संगठन का प्रतिनिधि शामिल हो। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर प्राप्त आवेदनों और प्रतिवेदनों का केस टू केस फॉलोअप सुनिश्चित हो और जयपुर उद्योग विभाग परिसर में एक विशेष डेस्क स्थापित कर नियमित निगरानी की जाए।
प्रवासी समन्वयकों की नियुक्ति प्रक्रिया का स्वागत
आरतिया पदाधिकारी ओ.पी. राजपुरोहित और तरुण शारदा ने प्रवासी समन्वयकों की नियुक्ति प्रक्रिया को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियाँ केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और 25 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों तक विस्तार पाएँ। साथ ही, विश्व के लगभग 60-70 प्रमुख देशों में भी समन्वयक नियुक्त किए जाएँ। इसके लिए राजस्थान फाउंडेशन को अधिक अलर्ट और मानव संसाधन से समृद्ध बनाया जाए ताकि फॉलोअप प्रभावी हो।
लंबित नीतियों के शीघ्र क्रियान्वयन की अपेक्षा
आरतिया पदाधिकारी विष्णु गोयल, आयुष जैन और सज्जन सिंह ने कहा कि ‘राजिजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के दौरान घोषित प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क नीति, एडवेंचर नीति और फिल्म सिटी नीति जैसी योजनाएँ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सरकार से अपेक्षा है कि इन नीतियों को शीघ्र अधिसूचित किया जाए ताकि निवेशकों और युवाओं में विश्वास और आशा का संचार हो।
निजी औद्योगिक क्षेत्र विकास नीति बनाने का सुझाव
आरतिया पदाधिकारी राजीव सिंघल, सौरव शर्मा और दिनेश गुप्ता ने कहा कि रीको की अपनी सीमाएँ हैं। ऐसे में निजी निवेशकों को बेहतर आधारभूत संरचना वाले औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि निजी औद्योगिक क्षेत्र विकास नीति बनाई जाए, जिसमें रीको से उपलब्ध भूमि की लागत पर ही निजी क्षेत्र को भूमि दी जाए और सड़क, बिजली, पानी व सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाएँ सरकार सुनिश्चित करे।
आरतिया पदाधिकारियों ने कहा कि इन कदमों से न केवल प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी बल्कि हजारों नए निवेशक राजस्थान में निवेश के लिए आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।