प्रवासी राजस्थानी दिवस पर ‘प्रगति पथ’ प्रदर्शनी का उद्घाटन
राज्यपाल ने किया शुभारम्भ, मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन, केंद्रीय मंत्रियों ने विकास यात्रा को सराहा
| नरेश गुनानी
जयपुर, 10 दिसंबर। प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर जेईसीसी में आयोजित ‘प्रगति पथ’ प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव भी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी अवलोकन के दौरान इन सभी अतिथियों ने राजस्थान की गतिशील विकास यात्रा, संभावनाओं और प्रगतिशील परिवर्तन की सराहना की।
विकास के व्यापक आयामों पर आधारित प्रदर्शन
प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को विभिन्न पैनलों, इन्फोग्राफिक्स और वीडियो के माध्यम से विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया गया। जिन प्रमुख विषयों पर प्रदर्शन किया गया, उनमें शामिल रहे—
- प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य
- जल सुरक्षा और सततता
- एक जिला–एक उत्पाद मॉडल
- स्वस्थ राजस्थान–खुशहाल राजस्थान
- शिक्षित भारत–डिजिटल भारत
- राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट
- खनन क्षेत्र की संभावनाएं
- इन्फ्रा विकास एवं कनेक्टिविटी
- विरासत–पहचान और सांस्कृतिक धरोहर
इन थीम आधारित प्रदर्शनों में प्रदेश की उपलब्धियां, चलित योजनाएं और भविष्य की दिशा का समग्र विज़न दर्शाया गया।
विकास की उपलब्धियों से परिचित हुए अतिथि
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं और प्रगति की जानकारी राज्यपाल और केंद्रीय मंत्रियों को दी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भूपेन्द्र यादव ने विभिन्न विभागों के प्रयास, उद्योगों को बढ़ावा, पर्यावरण संरक्षण, युवा अवसरों और बुनियादी ढांचे में तेजी से हो रही प्रगति को उत्कृष्ट बताते हुए प्रशंसा की।
वृहद उपस्थिति बनी आयोजन की विशेषता
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि और उच्च प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी को आमंत्रित प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधियों, निवेशकों और उद्योग जगत ने भी सराहा।
इस प्रदर्शनी ने प्रदेश के औद्योगिक सशक्तिकरण से लेकर संस्कृति और विरासत की पहचान तक, राजस्थान की उपलब्धियों को एक ही मंच पर उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन प्रवासी समाज और राज्य के बीच विकास साझेदारी के मजबूत भविष्य का प्रतीक सिद्ध हुआ।