| नरेश गुनानी
जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव ने प्रवासी राजस्थानियों और प्रदेश में कार्यरत श्रमिक वर्ग की समस्याओं को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों की मदद के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर मजदूरों को देय सुविधाओं और लंबित भुगतानों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
खाड़ी देशों के प्रवासियों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन
बैठक में जानकारी दी गई कि खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है। इसके लिए 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन के माध्यम से प्रवासियों की शिकायतों और समस्याओं का निरंतर निवारण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सात समंदर पार बैठे राजस्थानियों को किसी भी विपरीत परिस्थिति में अकेला महसूस न होने दिया जाए।
श्रमिक हितों और लंबित भुगतानों पर मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने श्रम विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही की बात कही:
- समयबद्ध भुगतान: सभी प्रवासी श्रमिकों को उनके कार्य का पारिश्रमिक समय पर मिलना सुनिश्चित हो।
- मूलभूत सुविधाएं: आवश्यकतानुसार श्रमिकों के लिए भोजन, आवास (रहने) और परिवहन की समुचित व्यवस्था करवाई जाए।
- MSME को राहत: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के किसी भी प्रकार के लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत क्लियर करने के निर्देश दिए गए, ताकि आर्थिक चक्र सुचारू रूप से चल सके।
विभाग सुनिश्चित करेंगे शत-प्रतिशत अनुपालना
बैठक के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने विश्वास दिलाया कि सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों की विभाग द्वारा शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाएगी।
बैठक में उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव सहित शासन के आला अधिकारी और ऑयल एवं गैस मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर रहा कि किसी भी श्रमिक या प्रवासी को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
