नई दिल्ली | नरेश गुनानी | केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया है। नई जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद ही एक्शन में आते हुए, उन्होंने मंत्रालय के कामकाज को गति देने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
कई अहम मंत्रालयों की है जिम्मेदारी
प्रल्हाद जोशी के कंधों पर सरकार ने कई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। शिक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग के साथ-साथ उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी प्रभार है। एक साथ इतने प्रमुख मंत्रालयों का जिम्मा मिलना सरकार में उनके अनुभव और कार्यक्षमता पर भरोसे को दर्शाता है।
योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर रहा जोर
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आयोजित की गई इस समीक्षा बैठक में, प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं, नीतियों और नई पहलों के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की। बैठक का मुख्य फोकस शिक्षा प्रणाली में सुधार और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर रहा। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए अपने सुझाव साझा किए।
मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्रालय के दोनों प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी और विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी.के. अनिल कुमार ने मंत्री को मंत्रालय के वर्तमान कार्यों, आगामी लक्ष्यों और चुनौतियों से अवगत कराया। इस दौरान मंत्रालय के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्हें नई कार्ययोजना के तहत तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।