प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत उद्योग लगाने पर पाएं 35 प्रतिशत अनुदान
जयपुर, 21 अगस्त 2025।✍️ लोकेन्द्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम-एफएमई) आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को प्रोत्साहन देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
योजना के तहत नए एवं मौजूदा उद्यमी यदि अपनी स्थापित औद्योगिक इकाई का विस्तार करना चाहते हैं, तो उन्हें योग्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये (दोनों में से जो न्यूनतम हो) तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के लाभ और पात्रता
- यह योजना जून 2020 के बाद स्थापित होने वाले उद्योगों पर लागू है।
- पात्र उद्योगों में फल एवं सब्ज़ी उत्पाद, अनाज एवं दाल उत्पाद, दुग्ध उत्पाद, तिलहन उत्पाद, पशु आहार, बेकरी उत्पाद तथा अन्य खाद्य उत्पाद जैसे साबुदाना और हींग आधारित उद्योग शामिल हैं।
- मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने पर भी उद्यमी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
- परियोजना लागत में भूमि की लागत शामिल नहीं होगी और तकनीकी सिविल वर्क की लागत परियोजना लागत के 30% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन MOFPI PMFME पोर्टल पर ऑनलाइन करना अनिवार्य है।
- आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए जिले में डी.आर.पी. (District Resource Persons) नियुक्त किए गए हैं, जो आवेदकों को आवेदन और ऋण संबंधी सभी जानकारी निःशुल्क उपलब्ध करवा रहे हैं।
नोडल एजेंसियां
- स्टेट नोडल एजेंसी: राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जयपुर
- जिला नोडल एजेंसी: कृषि उपज मंडी समिति (अनाज), जयपुर
- हेल्पलाइन नंबर:
- राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जयपुर – 9829026990
- कृषि उपज मंडी समिति (अनाज), जयपुर – 9829588641
लक्ष्य और समय सीमा
कृषि उपज मंडी समिति (अनाज), जयपुर के सचिव अमर चंद सैनी ने जानकारी दी कि यह योजना जून 2020 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2026 तक चालू रहेगी।
जयपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत 634 औद्योगिक इकाइयां लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

