योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आरसीसीआई) की ओर से मंगलवार को चैंबर भवन में एक उच्च स्तरीय संवादात्मक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के सफल क्रियान्वयन और औद्योगिक सुझावों को साझा करने के उद्देश्य से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में ईपीएफओ मुख्यालय, नई दिल्ली के अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त पी. बी. वर्मा और क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के आरपीएफसी-I परितोष कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जयपुर के एमएसएमई, विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए लाभकारी है योजना
राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने सत्र को संबोधित करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना संगठित क्षेत्र में नए रोजगार पैदा करने की दिशा में सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के तहत नए कर्मचारियों के पंजीकरण पर नियोक्ताओं को सीधे वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे व्यापारिक बोझ कम होगा और युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे।
उद्योग जगत ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
संवाद के दौरान चैंबर सदस्यों और उद्योग प्रतिनिधियों ने योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए, जिनमें प्रमुख हैं:
- प्रक्रिया का सरलीकरण: योजना के लाभ प्राप्त करने की डिजिटल प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।
- समयबद्ध वितरण: प्रोत्साहनों और वित्तीय लाभों का वितरण निश्चित समय सीमा के भीतर हो।
- एमएसएमई को विशेष सहयोग: छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की आवश्यकता।
- हेल्पडेस्क की स्थापना: नियोक्ताओं की तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ईपीएफओ द्वारा समर्पित हेल्पडेस्क बनाई जाए।
अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त पी. बी. वर्मा ने इन सुझावों की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि विभाग इन पर गंभीरता से विचार करेगा ताकि जमीनी स्तर पर योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
बैठक का समापन मानद महासचिव बृज बिहारी शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान राजस्थान के औद्योगिक जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें:
कार्यकारी अध्यक्ष डी. एस. भण्डारी, डॉ. आर. एस. जैमिनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, मानद महासचिव आर. पी. बटवाडा, आनंद महरवाल, बृज बिहारी शर्मा, विजय गोयल, मानद सचिव सुधीर भंसाली, यंग वीमेन इंटरप्रेन्योर विंग की चेयरपर्सन चांदनी जग्गा, सोनिका महरवाल, चैम्बर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर योगेश नारायण माथुर, सचिव दिनेश कानूनगो, अतिरिक्त सचिव कन्हैया लाल जांगिड़ एवं संयुक्त सचिव अमित पारीक शामिल हैं।
इस सत्र में बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जिन्होंने नई रोजगार नीतियों के प्रति सकारात्मक उत्साह दिखाया।