प्रधानमंत्री मोदी ने पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर जताया गहरा शोक
02 अक्टूबर 2025 | नई दिल्ली , गणेश शर्मा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद्मविभूषण से सम्मानित देश के प्रख्यात शास्त्रीय एवं लोकगायक पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका जाना भारत के संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि पंडित छन्नूलाल मिश्र जीवनभर कला और संस्कृति के प्रति समर्पित रहे और उन्होंने बनारस घराने की संगीत परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि काशी की परंपराओं और उत्सवों को पंडित मिश्र ने अपने स्वरों और गीतों से समृद्ध किया। चाहे मणिकर्णिका घाट की होली हो या सावन की कजरी, काशी उनके संगीत से सदा गुंजायमान रहेगी।
प्रधानमंत्री ने पंडित मिश्र द्वारा लोकगायन की महत्वपूर्ण विधाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यों ने भारतीय संगीत को विश्व पटल पर स्थापित किया।
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कई बार पंडित मिश्र से मिलने और उनका स्नेह पाने का अवसर मिला। उन्होंने स्मरण किया कि 2014 के चुनाव में पंडित मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे, जो काशी के प्रति उनके गहरे आत्मीय भाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पंडित मिश्र ने काशी के विकास और परंपराओं पर उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पंडित मिश्र उनके आवास पर आए थे और उस स्मृति को उन्होंने आज गांधी जयंती के दिन विशेष रूप से याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यद्यपि पंडित मिश्र आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत और उनका जीवन हर संगीत प्रेमी को प्रेरित करता रहेगा। काशी उनके भजनों और रचनाओं के माध्यम से हर उत्सव में उन्हें स्मरण करती रहेगी।
अंत में प्रधानमंत्री ने पंडित मिश्र के शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनके स्वजनों का दुख उनका व्यक्तिगत दुख है। उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ पंडित छन्नूलाल मिश्र को अपने चरणों में स्थान दें और उनके प्रशंसकों व परिवारजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।