प्रधानमंत्री मोदी को ‘धर्म चक्रवर्ती’ सम्मान, विज्ञान भवन में गूंजा ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष
रिपोर्ट: अवधेश बामल
Edited By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 28,2025
नई दिल्ली, 28 जून — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक ऐतिहासिक अवसर पर ‘धर्म चक्रवर्ती’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार, अहिंसा और करुणा के मूल सिद्धांतों के प्रति उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह समारोह दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में आयोजित किया गया, जहां देश-विदेश से बौद्ध धर्मगुरु, विद्वान और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह में जैसे ही प्रधानमंत्री को ‘धर्म चक्रवर्ती’ की उपाधि दी गई, पूरा विज्ञान भवन “भारत माता की जय” और “जय श्री बुद्ध” के नारों से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर तालियों के साथ इस गौरवशाली क्षण का स्वागत किया।
क्या है ‘धर्म चक्रवर्ती’ सम्मान?
‘धर्म चक्रवर्ती’ एक पवित्र और सम्माननीय उपाधि है जो उन व्यक्तियों को दी जाती है जो समाज में धर्म, सत्य, अहिंसा और न्याय की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इसे बौद्ध परंपरा में विशेष महत्त्व दिया जाता है, और इसे मिलना अत्यंत गौरव की बात मानी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य:
सम्मान ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि भारत की उस महान परंपरा के लिए है जिसने दुनिया को बुद्ध का मार्ग दिखाया। अहिंसा, करुणा और शांति हमारे संस्कार हैं और हम इस धरोहर को आगे बढ़ाते रहेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का सपना सिर्फ एक मजबूत राष्ट्र नहीं, बल्कि वसुधैव कुटुम्बकम् के आदर्श को साकार करना है।
समारोह की विशेषताएं:
- विश्व के विभिन्न देशों से बौद्ध धर्मगुरुओं ने मोदी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
- समारोह में धम्म चक्र प्रवर्तन (धर्म का चक्र घुमाना) प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भगवान बुद्ध के जीवन और भारत की शांति-धर्म परंपरा को दर्शाया गया।
राजनैतिक प्रतिक्रियाएं:
भाजपा नेताओं ने इस सम्मान को भारत की सांस्कृतिक महाशक्ति बनने की दिशा में एक कदम बताया, वहीं विपक्ष की ओर से कुछ नेताओं ने इस अवसर पर चुप्पी साधे रखी।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि को और सशक्त करता है और भारत के सांस्कृतिक नेतृत्व को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।