जयपुर, 19 जुलाई 2026 / नरेश गुनानी/ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के प्रतिष्ठित बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य हनुमान कथा में शिरकत की और पूरी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया। इस आध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज जैसे महान संतों के सान्निध्य में होने वाले धार्मिक आयोजन न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में उच्च संस्कारों का बीजारोपण भी करते हैं।
कथा के दौरान पूरा ऑडिटोरियम भक्तिभाव में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में विधायक बालमुकुंद आचार्य, ठाकुर गोविंददेव चतुर्वेद विद्यापीठ के न्यासी संदीप झंवर सहित कई गणमान्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अमृत काल में वैश्विक मंच पर भारत का सांस्कृतिक पुनरुत्थान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के बदलते परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में भारत आज अपने ‘अमृत काल’ से गुजर रहा है। देश तेजी से दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में अग्रसर हो रहा है।
”महान सुधारक स्वामी विवेकानंद जी ने भारत के जिस सांस्कृतिक वैभव और विश्व गुरु बनने का सपना देखा था, आज हमारी सनातन संस्कृति उसी गौरवशाली रूप में पूरी दुनिया में अपनी अमिट पहचान बना रही है। वैश्विक मंच पर आज भारतीय जीवन मूल्यों को सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है।”
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक सांस्कृतिक उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन का महाकाल लोक और बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम का भव्य जीर्णोद्धार नए भारत की जागृत सांस्कृतिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने 22 जनवरी के उस ऐतिहासिक दिन को याद किया जब वर्षों के लंबे इंतजार के बाद प्रभु श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई और पूरी दुनिया इस आलौकिक क्षण की गवाह बनी।
राजस्थान के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
प्रदेश की धरोहर पर बात करते हुए भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। सरकार ने प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों के कायाकल्प की योजना तैयार की है।
इन प्रमुख धार्मिक केंद्रों का हो रहा है विकास:
- खाटूश्याम जी: लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटूश्याम मंदिर क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार।
- गिरराज जी (गोवर्धन): परिक्रमा मार्ग और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण।
- पुष्कर (ब्रह्मा मंदिर): वैश्विक पर्यटन और धार्मिक महत्व के अनुरूप तीर्थराज पुष्कर का सुंदरीकरण और विकास।
बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा ऑडिटोरियम
समारोह की शुरुआत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सनातन वैदिक परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर चारों वेदों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का वाचन कर रहे बटुकों ने सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार किया। मुख्यमंत्री ने मंत्रों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और इन बटुकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वेदों की यह ऋचाएं हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधार हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी का परम कर्तव्य है।