नरेश गुनानी
जयपुर, 4 जून। राजस्थान में स्वच्छ, हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और विभागीय समन्वय पर जोर
बैठक में योजना के तहत चयनित शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचागत) विकास, विभिन्न वित्तीय अनुमोदनों तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निम्नलिखित कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए:
- डिपो अवसंरचना का विकास: विभिन्न शहरों में स्थित वर्तमान बस डिपो के नवीनीकरण एवं उन्नयन (Upgradation) संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
- चार्जिंग स्टेशन: बसों के लिए अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के कार्यों की प्रगति जांची गई।
- बिहाइंड द मीटर पावर इंफ्रास्ट्रक्चर: बिजली आपूर्ति से जुड़े इस महत्वपूर्ण तकनीकी ढांचे के विकास की समीक्षा की गई।
- बाधाओं का त्वरित समाधान: मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को तुरंत दूर करने और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने के कड़े निर्देश दिए।
किस शहर को मिलेंगी कितनी ई-बसें?
योजना के तहत राजस्थान के आठ पात्र शहरों को कुल 1150 ई-बसें आवंटित की गई हैं। परिवहन विभाग द्वारा बसों का ट्रायल सफलतापूर्वक किया जा चुका है और चार्जिंग स्टेशनों समेत अन्य सुविधाओं का विकास तेज गति से जारी है। शहरों के अनुसार आवंटन का विवरण इस प्रकार है:
|
क्र.सं. |
शहर का नाम |
आवंटित ई-बसों की संख्या |
|---|---|---|
|
1. |
जयपुर |
450 |
|
2. |
जोधपुर |
125 |
|
3. |
बीकानेर |
125 |
|
4. |
अजमेर |
100 |
|
5. |
अलवर |
100 |
|
6. |
कोटा |
100 |
|
7. |
उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा |
50–50 (प्रत्येक शहर में) |
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कुल |
8 शहर |
1150 बसें |
(नोट: मूल विवरण के अनुसार सूची में शामिल शहरों की कुल संख्या 9 बनती है, जो आवंटित 8 शहरों के क्लस्टर के अंतर्गत संचालित होंगी।)
वित्तीय स्वीकृतियों और सहायता पर विमर्श
समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत राजस्थान को केंद्र व अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली वित्तीय स्वीकृतियों एवं सहायता के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, ताकि बजट के अभाव में कोई कार्य न रुके।
बैठक में उच्चाधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग, वित्त विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, ऊर्जा विभाग तथा जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने आश्वस्त किया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के नेटवर्क विस्तार के लिए लगातार और योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
- स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बैठक में जानकारी दी कि विभाग द्वारा योजना के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने अंत में सभी विभागों को समन्वित प्रयासों (संयुक्त तालमेल) के साथ काम करने को कहा ताकि राज्य के शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन सेवा को जल्द से जल्द आम जनता के लिए शुरू किया जा सके।