प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाओं का सफल क्रियान्वयन—महिला एवं बाल विकास शासन सचिव
नरेश गुनानी •
जयपुर, 27 अक्टूबर 2025।
महिला एवं बाल विकास विभाग के समेकित बाल विकास (आईसीडीएस) के नव-नियुक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं सहायक परियोजना अधिकारियों के लिए 21 दिवसीय विभागीय संस्थानिक प्रशिक्षण सोमवार से हरिशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा), जयपुर में प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने की।

शासन सचिव ने नव-नियुक्त अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि उन्हें संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व के लिए तैयार करने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक नवाचारपूर्ण योजनाओं, कार्यक्रमों और अभियानों का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राजस्थान ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे पूर्व राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2025 में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा था। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में चौथे स्थान से उल्लेखनीय सुधार करते हुए, इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह 2025 (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश को महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।
शासन सचिव ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। एक्टिव और अपडेट रहकर अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएं और विभागीय योजनाओं के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करें ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने कहा कि विभाग की राष्ट्रीय स्तर पर मिली उपलब्धियां अधिकारियों की निरंतरता, ईमानदारी और कार्य के प्रति समर्पण का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना अधिकारी केवल मॉनिटरिंग नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में अधीनस्थ कार्मिकों और मानदेय कर्मियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर लाभार्थियों तक सेवाएं पहुँचाएं।
इस अवसर पर शिप्रा शर्मा (उप निदेशक रीपा), बनवारी लाल सिनसिनवार (उप निदेशक प्रशिक्षण आईसीडीएस), डॉ. मंजू यादव (उप निदेशक पोषाहार), डॉ. धर्मवीर मीणा (उप निदेशक आईईसी), ओ.पी. सैनी (संयुक्त परियोजना समन्वयक), मीनाक्षी खंगारोत (कोर्स डायरेक्टर), हनुमान गौतम (नोडल अधिकारी) और जिज्ञासा शर्मा (सहायक निदेशक प्रशिक्षण) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।