प्रदेश में आईटीआई उन्नयन को मिली नई दिशा: ‘पीएम सेतु’ लागू करने वाला उत्तर भारत का पहला राज्य बना राजस्थान

जयपुर, 24 जुलाई/ नरेश गुनानी/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया मिशन’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में राजस्थान सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक तकनीक, उद्योग सहभागिता और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण से लैस करने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सेतु (PM SETU) योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान उत्तर भारत का पहला और देश का पाँचवां राज्य बन गया है।

​भिवाड़ी क्लस्टर के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

​शुक्रवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट स्टीयरिंग कमेटी (State Steering Committee) की उच्चस्तरीय बैठक में योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया।

​योजना के तहत राजस्थान में आठ प्रमुख क्लस्टरों—भिवाड़ी, जोधपुर, जयपुर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, बीकानेर एवं कोटा के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इनमें से भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एम/एस एच.जी. इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को कमेटी ने सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया है।

​आगे की प्रक्रिया और क्रियान्वयन:

  • नेशनल स्टीयरिंग कमेटी को भेजा जाएगा प्रस्ताव: स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की मंजूरी के बाद अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय ‘नेशनल स्टीयरिंग कमेटी’ के पास भेजा जाएगा।
  • अनुबंध एवं समझौता: केंद्र से स्वीकृति मिलते ही चयनित कंपनी के साथ लाइसेंस एग्रीमेंट और शेयर होल्डर्स एग्रीमेंट निष्पादित किए जाएंगे।
  • धरातल पर बदलाव: समझौते के बाद भिवाड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले राजकीय आईटीआई में उद्योग सहभागिता के माध्यम से अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।

​आईटीआई में युवाओं को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

​भिवाड़ी क्लस्टर के तहत आने वाली आईटीआई में निम्नलिखित आधुनिक सुधार किए जाएंगे:

  • आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं: उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुसार लैब्स और आधुनिक उपकरणों का विस्तार।
  • उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम: ट्रेड्स और सिलेबस को सीधे औद्योगिक आवश्यकताओं से जोड़ा जाएगा।
  • ट्रेनर्स का क्षमता संवर्धन: प्रशिक्षकों (Instructors) को नई तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • बेहतर रोजगार के अवसर: उद्योगों के सीधे जुड़ाव से युवाओं को प्लेसमेंट और अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर मिलेंगे।

​क्या है ‘पीएम सेतु’ (PM SETU) योजना?

​केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई पीएम सेतु योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर के सरकारी आईटीआई का कायाकल्प करना है।

प्रमुख बिंदु

विवरण

मूल मॉडल

हब-एंड-स्पोक (Hub-and-Spoke) मॉडल

लक्ष्य

देश की 1,000 राजकीय आईटीआई का उन्नयन

कुल बजट (5 वर्ष)

₹60,000 करोड़

केंद्र सरकार का अंश

50%

राज्य सरकार का अंश

33%

उद्योगों/प्राइवेट पार्टनर का अंश

17%

राज्य सरकार का संकल्प: राजस्थान सरकार उद्योगों की सक्रिय भागीदारी के साथ प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने और राज्य के आईटीआई संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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