गौरव कोचर
जयपुर | 04 मई, 2026
राजस्थान में अवैध मदिरा के निर्माण, भण्डारण, परिवहन और बिक्री को जड़ से समाप्त करने के लिए आबकारी विभाग द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेशभर में की गई इस बड़ी कार्रवाई में हजारों लीटर वॉश नष्ट कर दर्जनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है।
प्रमुख जिलों में हुई बड़ी कार्रवाइयां:
- जालौर: ईपीएफ टीम ने बड़गांव-बापला रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक मारुति कार से अन्य राज्य में बिक्री योग्य अवैध शराब के 24 कार्टन और देसी मदिरा के 14 कार्टन (कुल 38 कार्टन) जब्त किए।
- हनुमानगढ़: मक्कासर और अमरपुरा क्षेत्र में दबिश देकर 2400 लीटर वॉश और 6 कच्ची भट्टियां नष्ट की गईं।
- श्रीगंगानगर: श्रीकरणपुर और सूरतगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 700 लीटर वॉश व 4 भट्टियां नष्ट की गईं और भारी मात्रा में पव्वे बरामद किए गए।
- अलवर: रामगढ़ और राजगढ़ में ईपीएफ दल ने 2000 लीटर वॉश और 2 भट्टियां नष्ट कर 2 अभियोग दर्ज किए।
- बांसवाड़ा व कुशलगढ़: यहाँ 3000 लीटर वॉश नष्ट किया गया और 55 बोतल हथकड़ शराब सहित भट्टी के उपकरण जब्त कर 5 केस दर्ज किए गए।
- अन्य जिले: भरतपुर, पाली, खेरवाड़ा और मेड़ता सिटी में भी भारी मात्रा में अवैध शराब, बीयर और हथकड़ शराब जब्त कर भट्टियां नष्ट की गईं।
अभियान के अब तक के आंकड़े (03 मई 2026 तक):
विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रदेश स्तर पर निम्नलिखित सफलताएं अर्जित की हैं:
|
मद |
विवरण/मात्रा |
|---|---|
|
कुल दर्ज अभियोग |
73 |
|
गिरफ्तार आरोपी |
12 |
|
नष्ट किया गया वॉश |
22,410 लीटर |
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देशी मदिरा बरामदगी |
108.58 लीटर |
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विदेशी मदिरा (IMFL) |
355.98 लीटर |
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बीयर बरामदगी |
98.15 लीटर |
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अवैध हथकड़ शराब |
370 लीटर |
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जब्त वाहन |
02 (एक चारपहिया, एक दुपहिया) |
सघन निगरानी और गश्त जारी
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी जोनल अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी संदिग्ध इलाकों में नाकाबंदी, दबिश और सघन गश्त के जरिए अवैध शराब माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
आबकारी निरोधक दल द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना विभाग को दें ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।