नरेश गुनानी/राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश के 1 करोड़ से अधिक वंचित पात्र व्यक्तियों को योजना से जोड़ दिया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत अकेले उदयपुर जिले में 2,54,394 वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा का लाभ प्रदान किया गया है।
लाभार्थियों के आंकड़े और विस्तार की प्रक्रिया
प्रदेश में खाद्य सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से नए लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया:
- प्रारंभिक चरण (1 जनवरी – 31 अगस्त 2024): राज्य भर में 12,95,664 नए लाभार्थी जोड़े गए।
- द्वितीय चरण (26 जनवरी 2025 के बाद): खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः शुरू होने पर 89,00,431 अतिरिक्त पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए में शामिल किया गया।
- कुल आंकड़ा: इन प्रयासों के बाद राजस्थान में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 4.37 करोड़ हो गई है।
उदयपुर जिले का क्षेत्रवार विवरण
उदयपुर जिले में झाड़ोल (51,784), गोगुंदा (51,684), खेरवाड़ा (45,101), वल्लभनगर (41,826), मावली (30,392), उदयपुर शहर (24,102) तथा उदयपुर ग्रामीण (9,505) क्षेत्रों के पात्रों को योजना से जोड़ा गया है।
खाद्य सुरक्षा के साथ मिल रहा अन्य योजनाओं का लाभ
एनएफएसए से जुड़ने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न के साथ-साथ राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है:
- मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: ₹450 में रसोई गैस सिलेंडर।
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना: ₹25 लाख तक का निःशुल्क उपचार।
- मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना: ₹10 लाख तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा।
‘गिव अप अभियान’ से नए पात्रों के लिए बने रास्ते
नवंबर 2024 में शुरू किए गए ‘गिव अप अभियान’ के तहत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया, जबकि ई-केवाईसी न कराने के कारण करीब 27 लाख अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए गए। रिक्त हुए इन स्थानों पर नए पात्र परिवारों को जोड़ने का अवसर मिला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार के इस अभियान को ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा गया है।