नरेश गुनानी
जयपुर, 22 जून। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी प्रथम सिंधु कुंभ में शामिल होने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर लेह-लद्दाख जाएंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वे सिंधु घाट पर सिंधु नदी की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना करेंगे। देवनानी बुधवार, 24 जून को लेह-लद्दाख में आयोजित मुख्य ‘सिंधु दर्शन यात्रा’ कार्यक्रम में भाग लेंगे।
गौरतलब है कि लेह-लद्दाख में 22 से 27 जून तक पांच दिवसीय प्रथम सिंधु कुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष सिंधु दर्शन यात्रा के 30वें वर्ष को ‘प्रथम सिंधु कुंभ’ के रूप में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। इस भव्य कुंभ में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक तथा राष्ट्रीय एकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों के साथ-साथ सिंधु स्नान, बहराणा साहिब के दर्शन और प्रकृति का अनुपम सौंदर्य देखने को मिलेगा।
देवनानी का लद्दाख दौरा: मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
- 24 जून (प्रातः): विधानसभा अध्यक्ष दिल्ली से विमान द्वारा लेह के लिए रवाना होंगे।
- 24 जून (दोपहर): लेह पहुंचकर वे सीधे सिंधु घाट जाएंगे और पवित्र सिंधु नदी का पूजन करेंगे। इसके बाद वे सिंधु दर्शन से जुड़ी विभिन्न सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता करेंगे।
- 25 जून: देवनानी लेह-लद्दाख क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख ऐतिहासिक व सामरिक स्थलों का भ्रमण करने के बाद लेह से प्रस्थान कर नई दिल्ली होते हुए जयपुर लौटेंगे।
”सनातन, अध्यात्म और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम है लेह-लद्दाख”
यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा:
”लेह-लद्दाख की यह यात्रा सनातन, अध्यात्म और राष्ट्रवाद का एक अद्भुत समागम है। यह सिंधु नदी की उत्पत्ति, प्राचीन बौद्ध संस्कृति और हिमालय के दुर्गम वातावरण में आत्मिक शांति का केंद्र है। सिंधु वही पवित्र नदी है, जिसके तटों पर वेदों की रचना हुई और हमारी महान सनातन संस्कृति पल्लवित हुई। हमारे महान ऋषि-मुनियों की तपस्या ने इस पूरे क्षेत्र को ऊर्जावान बना दिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि लद्दाख के कण-कण में भारतीय सेना का सर्वोच्च बलिदान समाहित है। यह स्थल संपूर्ण देश के लिए देशभक्ति की प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। यहां आकर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों को नमन करना, किसी भी राष्ट्रभक्त के लिए एक पवित्र तीर्थ यात्रा के समान है।
लद्दाख विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का करेंगे उद्घाटन
अपनी यात्रा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष लेह स्थित लद्दाख विश्वविद्यालय में ‘विश्व शांति और भारतीय दर्शन’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे और मुख्य वक्ता के रूप में इसे संबोधित करेंगे। संगोष्ठी में वे विश्व शांति में भारत की ऐतिहासिक भूमिका और हमारे सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा करेंगे।
संगोष्ठी के मुख्य आकर्षण और विषय:
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (हिसार), हिमालय परिवार तथा सिंधु दर्शन यात्रा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर के विद्वान, विषय विशेषज्ञ और प्रबुद्धजन हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान विभिन्न पैनल चर्चाओं में निम्नलिखित गंभीर विषयों पर मंथन होगा:
- प्राचीन भारतीय संस्कृति का वैश्विक शांति संदेश और सर्वधर्म का योगदान।
- भगवान बुद्ध और भगवान महावीर के सिद्धांतों का वैश्विक शांति में महत्व।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति तथा युवाओं की भूमिका।
- युद्ध, संघर्ष, आतंकवाद की चुनौतियां तथा पर्यावरणीय व सामाजिक संकट।
- योग और विश्व शांति की अवधारणा।