प्रताप नहर-भरतपुर के विकास कार्यों में विलम्ब की होगी जांच, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई – पर्यटन मंत्री दिया कुमारी
नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 9 सितम्बर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने भरोसा दिलाया कि प्रताप नहर-भरतपुर के विकास कार्यों में हो रही देरी की पूरी जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रताप नहर-भरतपुर के पर्यटन विकास कार्यों की कार्यकारी एजेंसी नगरपालिका, वैर है। इसने पहले ड्राफ्ट डीपीआर तैयार की थी, जिसे निदेशालय स्वायत्त शासन द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर संशोधित किया जा रहा है। संशोधित डीपीआर के अनुमोदन और निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कार्यादेश जारी किए जाएंगे।
दिया कुमारी ने प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि वैर-भरतपुर के सफेद महल और प्रताप फुलवारी के विकास कार्यों के लिए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया था। इसके अंतर्गत डीपीआर तैयार कर मार्च 2025 में निविदाएं मंगवाई गईं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 सितम्बर 2025 को निविदादाता फर्म को ₹425.16 लाख की राशि का कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि यह परियोजना सितम्बर 2027 तक पूर्ण की जाएगी। कार्यादेश के अंतर्गत वैर किला एवं सफेद महल की मरम्मत, टूटी पट्टियों की मरम्मत, महल के अंदर कमरों की मरम्मत और चौक की मरम्मत शामिल है।
इससे पहले विधायक श्री बहादुर सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि –
- सफेद महल और प्रताप फुलवारी के पर्यटन विकास कार्यों की जिम्मेदारी पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को दी गई है।
- प्रताप नहर-भरतपुर के पर्यटन विकास कार्यों के लिए नगरपालिका, वैर को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया है।
- कार्यों में देरी का मुख्य कारण एजेंसियों के चयन, डीपीआर की तैयारी, उसके अनुमोदन और निविदा प्रक्रिया में लगने वाला समय है।
दिया कुमारी ने सदन में कार्यादेश की प्रति भी प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि निर्धारित समयसीमा में पर्यटन विकास कार्य पूरे कर क्षेत्र को नई पहचान दी जाएगी।