रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। शस्त्र और शास्त्र के प्रणेता भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी के प्रताप नगर क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। राजस्थान ब्राह्मण महासभा (प्रताप नगर इकाई, सांगानेर) द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकत्रित होकर भगवान परशुराम का विधिवत पूजन किया और भव्य महाआरती उतारी।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें शंख और घंटों की ध्वनि के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
समाज और राष्ट्र हित का लिया संकल्प
जन्मोत्सव के इस मौके पर केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि वैचारिक मंथन भी हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यजनों और समाजसेवियों ने सामूहिक रूप से निम्नलिखित संकल्प लिए:
- सनातन धर्म की रक्षा: अपनी गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना।
- समाज हित: विप्र समाज की एकता और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना।
- राष्ट्र हित: देश की प्रगति और अखंडता में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में ब्राह्मण समाज की कई प्रमुख विभूतियों ने सपरिवार शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
- महानगर अध्यक्ष गोविंद जौहरी
- बिरधीचंद शर्मा, जगदीश नारायण पटेल, विष्णु कुमार शर्मा
- एन डी शर्मा, ब्रह्मा शर्मा, पं सुधाकर शर्मा
- शीतल बाबु शर्मा, रजनी शर्मा
इनके अतिरिक्त समाज के अनेक गणमान्य बंधु और मातृशक्ति भारी संख्या में उपस्थित रही।
एकता का संदेश
आयोजन के अंत में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और ज्ञान की ज्योति जलाने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।