पॉश पखवाड़ा के अंतर्गत जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित

पॉश पखवाड़ा के अंतर्गत जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित
लैंगिक उत्पीड़न निवारण सप्ताह के तहत कार्यशाला में महिलाओं की सुरक्षा पर हुआ मंथन
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन के सहयोग से हुआ आयोजन
डॉ. राजेश डोगीवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ सेमिनार
80 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग, सुरक्षित एवं भयमुक्त कार्यस्थल पर हुई चर्चा

| नरेश गुनानी

जयपुर, 19 दिसंबर 2025।
राज्य सरकार के निर्देशों की अनुपालना में महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामयी वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह आयोजन महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मनाए जा रहे पॉश पखवाड़ा एवं लैंगिक उत्पीड़न निवारण सप्ताह के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया।

सेमिनार की अध्यक्षता महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं संगठनों में कार्यरत कार्मिकों को पॉश अधिनियम के प्रावधानों, दायित्वों एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. राजेश डोगीवाल ने पॉश अधिनियम की आवश्यकता, उसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य तथा कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें भयमुक्त, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

डॉ. डोगीवाल ने आंतरिक शिकायत समिति के गठन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि जिस भी संस्था या कार्यालय में 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठित समितियों का विवरण राज्य सरकार के सी-पोर्टल पर अपलोड करना कानूनी रूप से आवश्यक है, जिससे पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने लोकल शिकायत समिति के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जिन संस्थानों में आंतरिक समिति का गठन नहीं है अथवा शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध हो, वहां पीड़िता लोकल शिकायत समिति के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।

सेमिनार में महिला अधिकारिता विभाग की महिला सुपरवाइजर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की काउंसलर सहित जयपुर जिले में कार्यरत विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, होटलों, अस्पतालों तथा अन्य निजी एवं शासकीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए पॉश अधिनियम से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं, शिकायत निवारण की समयबद्ध प्रक्रिया, समितियों की जिम्मेदारियों तथा संस्थानों की जवाबदेही पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने संस्थानों में पॉश अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्यस्थल निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

 

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