नरेश गुनानी
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने दिए जिला स्तर पर शत-प्रतिशत सत्यापन के निर्देश
- प्रदेश में 96.50% सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स का हुआ सत्यापन, शेष 3.50% के लिए कड़े कदम
- सर्वाधिक लंबित मामलों वाले 5 जिलों में मुख्यालय से भेजे जाएंगे विशेष अधिकारी
जयपुर, 29 मई 2026
राजस्थान सरकार प्रदेश के बुजुर्ग और जरूरतमंद पेंशनधारकों को सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ समय पर देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि पेंशन सत्यापन से वंचित रह गए पेंशनधारकों का जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर आगामी 15 दिनों में हर हाल में सत्यापन कराया जाए। उन्होंने इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को सभी जिला कलेक्टर्स को तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए। अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बुजुर्ग पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए कृत-संकल्पित है।
96.50 फीसदी पेंशनर्स का सत्यापन पूरा, बाकी के लिए बनेगी रणनीति
अविनाश गहलोत शुक्रवार को मुख्यालय अंबेडकर भवन के सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, विशेष योग्यजन निदेशालय और अनुजा निगम द्वारा संचालित विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने बताया:
”वर्तमान में राज्य में लगभग 89 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स हैं। इनमें से 96.50 प्रतिशत लाभार्थियों का वार्षिक सत्यापन पहले ही सफलतापूर्वक किया जा चुका है। केवल शेष बचे 3.50 फीसदी पेंशनधारकों का सत्यापन अटका हुआ है, जिसे आगामी 15 दिनों में अभियान चलाकर पूरा किया जाएगा।”
पेंशनर्स को राहत देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन 5 जिलों में सत्यापन के सबसे ज्यादा मामले लंबित हैं, वहां मुख्यालय से विशेष अधिकारियों की टीमें भेजी जाएं ताकि उन प्रकरणों का मौके पर ही तेजी से निस्तारण किया जा सके।
बजट घोषणाओं की प्रगति संतोषजनक, 50 में से 26 कार्य पूर्ण
बैठक के दौरान मंत्री ने पिछले वर्षों की बजट घोषणाओं की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की कुल 50 बजट घोषणाओं में से 26 घोषणाएं पूरी तरह से धरातल पर उतर चुकी हैं, जबकि 18 घोषणाओं पर काम तेजी से प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा शेष 6 घोषणाओं का प्रारंभिक कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
अविनाश गहलोत ने बजट घोषणाओं की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय योजनाओं, मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज आमजन की लंबित शिकायतों, विधानसभा प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भविष्य के रोडमैप पर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।
विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और अन्य राज्यों के नवाचारों का अध्ययन
सामाजिक न्याय मंत्री ने बैठक में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा पेंशन
- पालनहार योजना और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना
- नवजीवन योजना और मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
- दिव्यांग स्कूटी वितरण और सिलिकोसिस पीड़ित सहायता योजना
- नशामुक्ति केंद्र और देवनारायण योजना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम
उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि अंतिम पायदान पर बैठे पात्र व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के पहुंचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को अन्य राज्यों में चल रहे बेहतरीन नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए, ताकि उन्हें राजस्थान में भी लागू किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक की शुरुआत में अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की वर्तमान स्थिति, अब तक की प्रगति और उपलब्धियों से मंत्री को अवगत कराया।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आयुक्त विशेष योग्यजन निदेशालय इकबाल खान, निदेशक ललित कुमार, अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा, निजी सचिव रोहित कुमार सहित जेपी बैरवा, नसीम खान, रीना शर्मा, सूंडाराम मीणा, अशोक जांगिड़, अरविंद सैनी, ओपी मीणा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।