आसिम अमिताव बिस्वाल
भुवनेश्वर: ओड़िशा की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक उठाए गए कदम ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में शुमार रहे सामंतराय के इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।
पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेजा इस्तीफा
देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपना इस्तीफा भेज दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक बदलावों से वे असंतुष्ट चल रहे थे। सामंतराय का जाना बीजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी राज्य में खुद को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है।
बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर क्या कहा?
इस्तीफे के तुरंत बाद जब मीडिया ने उनसे सबसे बड़ा सवाल पूछा—“क्या आप भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं?”—तो उन्होंने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया।
सामंतराय ने कहा:
”पार्टी से इस्तीफा देना मेरा एक व्यक्तिगत निर्णय था। जहां तक बीजेपी या किसी अन्य दल में शामिल होने का सवाल है, तो मैंने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। मैं अपने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के साथ बैठक करूंगा। उनकी राय और सलाह के बाद ही मैं अपने भविष्य के राजनीतिक कदम का ऐलान करूंगा।”
हालांकि, उन्होंने बीजेपी में जाने की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया, जिससे उनके भगवा दल में शामिल होने की अटकलों को और हवा मिल गई है।
कौन हैं देबाशीष सामंतराय?
देबाशीष सामंतराय ओड़िशा राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं:
- कटक से गहरा नाता: वे कटक-बाराबती विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्ताओं पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
- पूर्व राज्यसभा सांसद: बीजेडी ने उन्हें संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) भी भेजा था, जहां उन्होंने ओड़िशा के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
- संगठन में भूमिका: उन्हें बीजेडी का एक कुशल रणनीतिकार माना जाता था, जो चुनावों के दौरान पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाते थे।
ओड़िशा की राजनीति पर क्या होगा असर?
ओड़िशा में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बीजेडी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। देबाशीष सामंतराय का इस्तीफा इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। यदि वे आने वाले दिनों में बीजेपी का दामन थामते हैं, तो:
- कटक क्षेत्र में बीजेपी मजबूत होगी: कटक और उसके आसपास के जिलों में बीजेपी को एक मजबूत और अनुभवी चेहरा मिल जाएगा।
- बीजेडी को संगठनात्मक नुकसान: कटक बेल्ट में बीजेडी के कैडर में बिखराव आ सकता है।
अब देखना यह होगा कि अपने समर्थकों से चर्चा के बाद देबाशीष सामंतराय क्या फैसला लेते हैं और ओड़िशा की सियासत में ऊंट किस करवट बैठता है।