रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। तकनीकी शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा ‘अशरे ग्लोबल-इंडस्ट्री कनेक्ट’ (ASHRAE Global-Industry Connect) प्रोग्राम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान न केवल वैश्विक इंजीनियरिंग मानकों पर चर्चा हुई, बल्कि अशरे स्टूडेंट चैप्टर को भी नई ऊर्जा के साथ रीलॉन्च किया गया।
समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियों और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने शिरकत कर छात्रों का मार्गदर्शन किया।
वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा
कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें ‘अशरे’ (ASHRAE) के वर्ल्ड प्रेसिडेंट बिल मैकक्वेड मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ अशरे रीजन 15 के डायरेक्टर व रीजनल चेयर पंकज धारकर और राजस्थान चैप्टर के प्रेसिडेंट तपन बसु रॉय ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इंडस्ट्री और एकेडेमिक्स का तालमेल जरूरी: डॉ. अंकुश जैन
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. अंकुश जैन ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज के दौर में छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत सहयोग (Industry-Academia Collaboration) को भविष्य की जरूरत बताया। वहीं, इंटरनेशनल रिलेशंस की डीन डॉ. स्वाति गोखरू ने छात्रों को बताया कि इस तरह के वैश्विक मंचों से जुड़ने पर स्टूडेंट्स के लिए विदेशों में इंटर्नशिप और करियर के बेहतरीन अवसर उपलब्ध होते हैं।
स्टूडेंट चैप्टर का रीलॉन्च और सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अशरे स्टूडेंट चैप्टर का रीलॉन्च रहा। इस अवसर पर चैप्टर के नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई और उन्हें अतिथियों द्वारा आधिकारिक सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। यह रीलॉन्च छात्रों को तकनीकी उत्कृष्टता, नेटवर्किंग और प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
नवाचार और ट्रेंड्स पर मंथन
- बिल मैकक्वेड ने अपने संबोधन में वैश्विक इंजीनियरिंग पद्धतियों और भविष्य के नवाचारों (Innovations) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे इंजीनियरिंग के छात्र वैश्विक समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं।
- पंकज धारकर ने इंडस्ट्री के वर्तमान रुझानों और तकनीकी बदलावों के बारे में जानकारी दी, जिससे छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
आभार और समापन
कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डॉ. देवेश कुमार ने सभी अतिथियों, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन यूनिवर्सिटी की तकनीकी उत्कृष्टता और प्रोफेशनल जुड़ाव की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।