पुस्तैनी ज़मीन के मुआवज़े के विवाद में भतीजे की हत्या, 70 वर्षीय आरोपी मंगलू राठिया गिरफ्तार
📍 ग्राम कुर्मीभौना (सुकबासीपारा), घरघोड़ा | 22 जून 2025
✍🏻 रिपोर्ट – टेलीग्राफ टाइम्स संवाददाता
Edited By : गणपत चौहान
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 22,2025
घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुर्मीभौना (सुकबासीपारा) में ज़मीन के मुआवज़े और हिस्सेदारी को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया। शुक्रवार 20 जून की शाम अपने ही 70 वर्षीय बड़े पिता द्वारा लकड़ी के बहिंगा से पीट-पीट कर 40 वर्षीय भतीजे की हत्या कर दी गई। घरघोड़ा पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
विवाद की जड़: मुआवज़े की रकम बना विवाद का कारण
मृतक पवन कुमार राठिया (40 वर्ष) और आरोपी मंगलूराम राठिया (70 वर्ष) के नाम पुस्तैनी 9 एकड़ ज़मीन ग्राम कुर्मीभौना में दर्ज है, जिसे एसईसीएल बरौद कोयला खदान द्वारा अधिग्रहित किया जाना प्रस्तावित है। ज़मीन अधिग्रहण से मिलने वाले संभावित मुआवज़े को लेकर लंबे समय से परिवार में मतभेद चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मंगलूराम ने ज़मीन के नाम पर कहीं से ₹2 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसमें मृतक पवन भी अपना हिस्सा चाहता था। इसी सिलसिले में पवन 20 जून की शाम अपने बड़े पिता मंगलूराम के घर पहुंचा, जहां आपसी बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर मंगलूराम ने पास पड़ी धौंरा लकड़ी के बहिंगा से पवन के सिर और चेहरे पर कई बार वार कर दिए।
अस्पताल में हुई मौत, पुलिस ने तत्परता से की कार्रवाई
गंभीर रूप से घायल पवन को परिजनों ने तुरंत सीएचसी घरघोड़ा और फिर मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चक्रधरनगर थाने में प्रारंभिक रूप से बिना नंबर की मर्ग डायरी दर्ज हुई, जिसे 21 जून को घरघोड़ा थाने को ट्रांसफर किया गया।
घरघोड़ा पुलिस ने मर्ग जांच के दौरान साक्ष्य जुटाते हुए आरोपी मंगलूराम राठिया पिता स्व. गौठूराम राठिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और वारदात में प्रयुक्त खून लगा बहिंगा भी पुलिस को सौंपा, जिसे मौके पर जप्त कर लिया गया।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, आरोपी को जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 162/2025 दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्यवाही पूरी की और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
इस संवेदनशील मामले में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन और एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई की गई। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, एएसआई संजीवन वर्मा, खेमराज पटेल, प्रधान आरक्षक पारसमणी बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल और उद्धो राम पटेल की अहम भूमिका रही।
यह वारदात न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जमीनी विवाद किस हद तक जानलेवा हो सकते हैं। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कानून की प्रक्रिया का पालन किया, लेकिन यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि संवाद और सहमति की जगह यदि हिंसा ने ले ली, तो उसका परिणाम कितना घातक हो सकता है।

