पुष्कर सरोवर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की दंडवत परिक्रमा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर उमड़ा भक्तों का सैलाब

पुष्कर सरोवर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की दंडवत परिक्रमा
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर उमड़ा भक्तों का सैलाब

| रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर

पुष्कर/ धार्मिक डेस्क
धार्मिक नगरी पुष्कर में बुधवार का दिन भक्ति, आस्था और उत्साह से भर गया, जब सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल पवित्र पुष्कर सरोवर की दंडवत परिक्रमा की। यह आयोजन सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर किया गया, जिसमें राजस्थान के भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और दौसा जिलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।


महंतों के सानिध्य में आस्था का विशाल आयोजन

गोवर्धन धाम के गोरेदाऊ मंदिर के महंत रामभजनदास महाराज एवं पुष्कर भूणाजी मंदिर के महंत प्रेमनाथ महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कथा के अंतिम दिन सुबह-सुबह भक्त पुष्कर सरोवर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद दंडवत परिक्रमा की।

परिक्रमा के दौरान पूरे सरोवर क्षेत्र में “जय श्रीकृष्ण”, “गोवर्धन नाथ की जय”, “हर हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।


भूणाजी मंदिर में धार्मिक समापन समारोह

कार्यक्रम के तहत बुधवार को गुर्जर समाज के भूणाजी मंदिर में भव्य धार्मिक समापन समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर नगर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्य रूप से—

  • पुष्कर नगर परिषद के निवर्तमान सभापति: कमल पाठक
  • निवर्तमान उपसभापति: शिवस्वरूप महर्षि
  • पुष्कर बार एसोसिएशन अध्यक्ष: कुलदीप पाराशर
  • भाजपा नेता: अरुण वैष्णव
  • घनश्याम भाटी*

इन सभी ने साधु-संतों से आशीर्वाद लिया तथा धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अतिथियों का माला एवं साफा पहनाकर विशेष सम्मान किया गया।


कथावाचक राधा कृष्ण व्यास ने बताया दंडवत परिक्रमा का महत्व

सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक राधा कृष्ण व्यास ने भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और पुष्कर तीर्थ की महिमा का विशद वर्णन किया। उन्होंने कहा कि—

  • दंडवत परिक्रमा आत्मसमर्पण और परम भक्ति का सर्वोच्च मार्ग है।
  • गोवर्धन धाम और पुष्कर दोनों ही तीर्थ इस परंपरा के प्रमुख केंद्र हैं।

उनके प्रवचनों से भक्तों में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति देखने को मिली।


अब तक 950 से अधिक भक्त कर चुके हैं दंडवत परिक्रमा

कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार अब तक 950 से अधिक श्रद्धालु गोवर्धन धाम, पुष्कर तीर्थ और अन्य महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों की दंडवत परिक्रमा कर चुके हैं।
इन भक्तों में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे, जिसने इस धार्मिक आयोजन की व्यापकता को और भी विशेष बना दिया।


पुष्कर में भक्ति की अनूठी मिसाल

पुष्कर सरोवर की दंडवत परिक्रमा हमेशा से आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने इसे और भी भव्य बना दिया।
सात दिनों तक चलने वाली कथा और समापन पर सामूहिक दंडवत परिक्रमा ने पुष्कर में भक्ति की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

पुष्कर के इस धार्मिक उत्सव ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यह नगरी सिर्फ तीर्थ नहीं, बल्कि भक्ति का जीवंत केंद्र है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार: मुख्यमंत्री

जयपुर, 13 अगस्त/ सुनील शर्मा,/राज्य सरकार वंचित वर्गों के...