पुष्कर/अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा)। पवित्र पुष्कर सरोवर के पीछे बरसाती पानी के साथ बहकर आने वाली मिट्टी, कचरा और खाद को रोकने (ट्रेस करने) के लिए बनाए गए सिल्ट डैम में इन दिनों हजारों जलजीवों का जीवन दांव पर लगा है। डैम में अब नाममात्र का पानी बचा है, जिसके कारण हजारों की संख्या में मछलियां वहां फंसकर रह गई हैं।
कड़ाके की गर्मी के कारण सिल्ट डैम का जलस्तर लगातार तेजी से घट रहा है। पानी कम होने की वजह से ये बेबस मछलियां आसानी से शिकारी कुत्तों का निवाला बन रही हैं, जिससे सरोवर क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं।
प्रशासन को लिखा पत्र, बचाव के लिए दिया यह सुझाव
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर ने नगर परिषद प्रशासन को एक पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने की मांग की है। पाराशर का कहना है कि:
- नाला बनाकर सरोवर से जोड़ा जाए: समय रहते स्थानीय प्रशासन को सिल्ट डैम में बचे हुए पानी को मुख्य सरोवर तक पहुंचाने के लिए एक लेवल में नाला बना देना चाहिए।
- सुरक्षित पहुंचेंगे जलजीव: इस नाले के माध्यम से डैम में फंसी जिंदा मछलियां और अन्य जलजीव तैरकर खुद-ब-खुद मुख्य सरोवर में चले जाएंगे, जिससे उन्हें तड़पकर और बेमौत मरने से बचाया जा सकेगा।
सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी को देखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करवाना जलजीवों की प्राण रक्षा के लिए अति आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन का ध्यान एक और व्यवस्था की ओर खींचते हुए मांग की है कि छोटी पुलिया के नीचे बने इनलेट (Inlet) में भारी मात्रा में मिट्टी और कचरा जमा हो चुका है, आगामी मानसून को देखते हुए इसकी भी तुरंत सफाई करवाई जाए ताकि भविष्य में पानी की आवक बाधित न हो।
अब देखना यह है कि क्या नगर परिषद प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेकर इन बेजुबान जलजीवों की जान बचाता है या नहीं।