| हरि प्रसाद शर्मा
पुष्कर (अजमेर)। तीर्थ नगरी पुष्कर के नए मेला मैदान में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टला। पर्यटकों से खचाखच भरी एक ऊंटगाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में गाड़ी में सवार एक महिला के पैर में गंभीर चोट और मोच आई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की छुट्टी के कारण मेला मैदान में पर्यटकों की काफी चहल-पहल थी। इसी दौरान एक ऊंटगाड़ी, जिसमें क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं, अचानक एक बड़े पत्थर पर चढ़ गई। पत्थर पर चढ़ते ही गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व पर्यटक जमा हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया—लापरवाही बनी कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पूरे हादसे में ऊंटगाड़ी चालक की साफ तौर पर लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि अधिक कमाई के लालच में ऊंट मालिकों द्वारा मूक पशुओं के साथ क्रूरता की जा रही है। क्षमता से कहीं ज्यादा पर्यटकों को गाड़ी में बिठाया जाता है, जिससे ऊंट के लिए संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
पुष्कर में आए दिन होने वाले ऐसे हादसों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- ओवरलोडिंग: ऊंट मालिक लालच में आकर क्षमता से अधिक सवारी बिठाते हैं, लेकिन उन पर कोई लगाम नहीं है।
- पशु क्रूरता: मूक पशुओं पर अत्यधिक बोझ लादकर उनसे काम लिया जा रहा है, जो पशु क्रूरता की श्रेणी में आता है।
- निगरानी का अभाव: प्रशासन को इन गतिविधियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद, सुरक्षा मानकों की जांच के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
धार्मिक नगरी में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और पशुओं के प्रति इस तरह की संवेदनहीनता भविष्य में किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
