| हरि प्रसाद शर्मा
नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर जल संसाधन मंत्री ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना; जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग का संयुक्त आयोजन
अजमेर/पुष्कर। राजस्थान दिवस समारोह की साप्ताहिक श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार शाम तीर्थराज पुष्कर के विश्वविख्यात ब्रह्मा मंदिर में आध्यात्मिक ऊर्जा और अपार जन-उत्साह का संगम देखने को मिला। नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की।

भक्ति और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ मंदिर प्रांणगण
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ हुआ। जल संसाधन एवं आयोजना मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में भगवान ब्रह्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की। महाआरती का संचालन पुरोहित लक्ष्मी निवास वशिष्ठ, कृष्ण गोपाल वशिष्ठ एवं वैभव वशिष्ठ द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा वातावरण जयकारों और शंखध्वनि से गुंजायमान हो उठा।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का संगम
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा:
”राजस्थान दिवस हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं और स्वाभिमान का प्रतीक है। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे की नींव को भी सुदृढ़ करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के भौतिक विकास के साथ-साथ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश और जिले की सुख-समृद्धि एवं शांति की मंगल कामना भी की।
संतों का सम्मान और प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने उपस्थित संत-महात्माओं का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। महाआरती के समापन के पश्चात बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इस भव्य आयोजन ने राजस्थान दिवस के उल्लास को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया, जो क्षेत्र के निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए एक स्मरणीय अनुभव रहा।
