पुष्कर (अजमेर) हरि प्रसाद शर्मा/तीर्थनगरी पुष्कर में रत्नागिरी पर्वत पर स्थित सुहागदात्री मां सावित्री का सालाना लक्खी मेला आज शनिवार को पूर्ण श्रद्धा और धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है। जगतपिता ब्रह्मा जी की प्रथम पत्नी मां सावित्री के मंदिर में शुक्रवार रात्रि को भव्य जागरण का आयोजन हुआ, जिसके बाद ब्रह्म मुहूर्त से ही माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
मेले के उपलक्ष्य में शुक्रवार को ही हजारों की संख्या में राजपूत महिलाओं सहित बड़ी तादाद में सुहागिनों ने दरबार में पहुंचकर अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की।
7 अलग-अलग स्वरूपों में सजाई गई अलौकिक झांकी
मंदिर के पुजारी कैलाश मिश्र एवं कमल मिश्र ने बताया कि वार्षिक मेले को लेकर पूरे मंदिर परिसर को विशेष विद्युत व पुष्प सज्जा से सजाया गया है। माता सावित्री का अत्यंत मनोहारी और नयनाभिराम श्रृंगार किया गया है:
- रात्रि जागरण व विशेष झांकी: शुक्रवार रात्रि को माताजी के 7 विभिन्न स्वरूपों में विशेष श्रृंगार कर भव्य झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
- ब्रह्म मुहूर्त में महाआरती: आज शनिवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में मुख्य महाआरती के साथ ही दर्शनार्थियों व सुहागिन महिलाओं के लिए मंदिर के मुख्य कपाट खोल दिए गए।
- दर्शन व्यवस्था: रात्रि से ही शुरू हुआ श्रद्धालुओं के आने का क्रम दिनभर अनवरत जारी रहेगा।
शाम को पहाड़ी की तलहटी में भरेगा पारंपरिक मेला
रत्नागिरी पर्वत शिखर पर दर्शन-पूजन के साथ ही आज शाम पहाड़ी की तलहटी में विशाल पारंपरिक मेला भरेगा। मेले को लेकर तलहटी में खान-पान, प्रसाद, सुहाग सामग्री और घरेलू सामानों की अस्थाई दुकानें व झूले सज चुके हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले हजारों दर्शनार्थी पहाड़ी पर शीश नवाने के बाद तलहटी में लगने वाले मेले का आनंद लेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारू आवागमन को ध्यान में रखते हुए मंदिर व स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।