पुष्कर/अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा)।तीर्थ नगरी पुष्कर के निकटवर्ती गांव तिलोरा में इंसानियत और जीव दया की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। यहाँ रेतीले धोरों और अरावली की दुर्गम पहाड़ियों के बीच पिछले चार दिनों से फंसी एक बीमार गाय को करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को पुष्कर की ‘एनिमल केयर सोसायटी’ और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर अंजाम दिया।
चार दिनों से पहाड़ी पर भूखी-प्यासी फंसी थी गाय
मिली जानकारी के अनुसार, तिलोरा गाँव के एक स्थानीय पशुपालक की गाय चार दिन पहले चारा चरने के लिए पास ही के पहाड़ी क्षेत्र में गई थी। चढ़ाई के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण वह पहाड़ी के एक दुर्गम हिस्से में ही बैठ गई और नीचे उतरने में असमर्थ हो गई।
पशुपालक पिछले तीन-चार दिनों से लगातार गाय की तलाश कर रहा था। काफी खोजबीन के बाद जब उसे गाय पहाड़ी पर मिली, तो उसने वहीं जाकर उसे चारा-पानी खिलाया। लेकिन खड़ी चढ़ाई, उबड़-खाबड़ रास्तों और गहरे रेतीले टीलों के कारण बीमार गाय को अकेले नीचे लाना बिल्कुल असंभव था। हार मानकर पशुपालक ने पुष्कर की ‘एनिमल केयर सोसायटी’ से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई।
संसाधनों के साथ पहुँची टीम, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही एनिमल केयर सोसायटी की टीम एम्बुलेंस, आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों और प्राथमिक चिकित्सा किट के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। लेकिन असली चुनौती रास्ता थी। टीम को भारी-भरकम संसाधनों के साथ ऊँचे-ऊँचे रेतीले धोरों और पत्थरों से भरे दुर्गम पहाड़ी रास्तों को पार करना था।
रेस्क्यू टीम ने स्थानीय युवाओं के सहयोग से एक रणनीति बनाई। बीमार और कमजोर हो चुकी गाय को बेहद सावधानी से बांधकर, उबड़-खाबड़ और संकरे रास्तों से धीरे-धीरे नीचे उतारना शुरू किया गया। चिलचिलाती धूप और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच यह ऑपरेशन पूरे 6 घंटे तक चला। अंततः टीम की सूझबूझ और कड़ी मेहनत रंग लाई और गाय को सुरक्षित नीचे लाकर एम्बुलेंस तक पहुँचाया गया।
इन जाँबाजों ने निभाई अहम भूमिका
इस बेहद कठिन और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन में एनिमल केयर सोसायटी के सदस्य:
- रोहित गुर्जर
- राज बाकोलिया
- सोनू मेघवाल
- हर्ष पाराशर
- विष्णु पँवार
- रोनी रावत
सहित स्थानीय ग्रामीण युवाओं की टोली ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दिया।
पशुपालक ने जताया आभार
गाय के सुरक्षित नीचे आने और उसे नया जीवन मिलने पर भावुक होकर पशुपालक ने एनिमल केयर सोसायटी की पूरी टीम और स्थानीय युवाओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी टीम के इस सेवा भाव की जमकर सराहना की है। फिलहाल गाय को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और उसकी स्थिति में सुधार है।