पुष्कर में गूंजे माँ शारदा के जयकारे: रामकृष्ण मिशन द्वारा भव्य प्रभातफेरी और विशेष पूजा का आयोजन
| हरि प्रसाद शर्मा
पुष्कर (अजमेर)। तीर्थराज पुष्कर की पावन धरा इन दिनों आध्यात्मिक चेतना से सराबोर है। रामकृष्ण मिशन विवेकानंद स्मृति मन्दिर, खेतड़ी के सौजन्य से आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर के अंतिम दिन रविवार को माँ शारदा देवी मंदिर स्थापना की वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर तीर्थ नगरी में भव्य प्रभातफेरी और सावित्री माता की पहाड़ी पर स्थित मंदिर में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।
प्रभातफेरी और आध्यात्मिक मार्ग
रामकृष्ण मिशन खेतड़ी के सचिव स्वामी आत्मनिष्ठानंद ने बताया कि रविवार को शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत भव्य प्रभातफेरी से होगी। यह यात्रा भारत सेवाश्रम संघ से प्रारंभ होकर माता सावित्री देवी पहाड़ के प्रवेश द्वार तक निकाली जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ आध्यात्मिक संदेशों का प्रसार करेंगे।
सावित्री पहाड़ी पर विशेष पूजा अर्चना
प्रभातफेरी के पश्चात सावित्री माता की पहाड़ी पर स्थित माँ शारदा के मंदिर में सुबह 8:30 बजे से विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान शुरू होंगे।
- साधु-संतों का समागम: इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में साधु-संत शामिल होकर विश्व शांति की कामना करेंगे।
- भक्तों की भागीदारी: शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 150 से अधिक भक्तगण और महात्मा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
आरती और आध्यात्मिक शिविर का माहौल
वर्तमान में भारत सेवाश्रम संघ के परिसर में उत्सव जैसा माहौल है। यहाँ युवा संत स्वामी जयनाथानन्द के सान्निध्य में मिशन द्वारा नियमित रूप से:
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- मंगला आरती: ब्रह्म मुहूर्त में दिव्य भजनों के साथ।
- संध्या आरती: शाम को दीपदान और सामूहिक प्रार्थना के साथ संपन्न की जा रही है।
महत्व: माँ शारदा देवी को रामकृष्ण मिशन में ‘अध्यात्म की जननी’ माना जाता है। उनकी मंदिर स्थापना की वर्षगांठ पर आयोजित यह शिविर युवाओं और भक्तों के बीच स्वामी विवेकानंद के विचारों और माँ शारदा की करुणा को पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।
