पुष्कर में आरएसएस शताब्दी वर्ष पर उमड़ा जनसैलाब: भव्य कलश यात्रा और शक्ति प्रदर्शन के साथ हिंदू सम्मेलन संपन्न
| रिपोर्ट: हरिप्रसाद शर्मा, पुष्कर (अजमेर)
पुष्कर (अजमेर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को तीर्थ नगरी पुष्कर में ‘विशाल हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। भक्ति और शक्ति के इस अनूठे संगम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे। माहेश्वरी सेवा सदन में आयोजित धर्म सभा से पूर्व शहर के विभिन्न हिस्सों से निकली भव्य कलश यात्राओं ने पूरे पुष्कर को भगवा रंग में सराबोर कर दिया।
पाँच स्थानों से निकली भव्य कलश यात्राएँ
आरएसएस पुष्कर खंड के संघ चालक राम निवास वशिष्ठ ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ दोपहर में पांच अलग-अलग स्थानों से हुआ।
- ब्रह्मा मंदिर
- अंबेडकर भवन
- सूर्य धर्मशाला
- गायत्री शक्ति पीठ
- वराह घाट
इन सभी स्थानों से गाजे-बाजे के साथ कलश यात्राएं शुरू हुईं, जिनमें सैकड़ों महिलाएं और युवतियां सिर पर मंगल कलश धारण कर सम्मिलित हुईं। यात्रा के दौरान महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती-नाचती नजर आईं।
शौर्य का प्रदर्शन: तलवार और लाठियों के साथ उतरीं महिलाएं
कलश यात्रा का मुख्य आकर्षण राष्ट्र सेविका समिति की बालिकाओं और महिलाओं द्वारा किया गया शौर्य प्रदर्शन रहा। अजमेर महानगर और पुष्कर खंड की तरुणियों व गृहणियों ने हाथों में तलवार, दंड और यष्टि (लाठी) लेकर हैरतअंगेज करतब दिखाए। यह प्रदर्शन नारी शक्ति के सशक्तिकरण और आत्मरक्षा के संकल्प का प्रतीक बना।
पुष्प वर्षा से स्वागत और मनमोहक झांकियां
बाजार के मुख्य मार्गों से गुजरते समय स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। यात्रा में भारत माता, जगतपिता ब्रह्मा, भगवान राम-लक्ष्मण और हनुमान जी की सजीव व मनमोहक झांकियां सजाई गई थीं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
धर्म सभा: वेद मंत्रों के बीच गूंजा राष्ट्रवाद
सभी यात्राएं मुख्य मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल (माहेश्वरी सेवा सदन) पहुंचीं, जहां ब्राह्मण बटुकों द्वारा वेद मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ धर्म सभा का आगाज हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति:
इस अवसर पर रामसखा आश्रम के महामंडलेश्वर नंदराम महाराज, संघ चालक रामनिवास वशिष्ठ, नंदू पवार, नेहरू पंडित, विष्णु शर्मा, नंदकिशोर भोमिया, बालकिशन पाराशर, लक्ष्मी पाराशर, सविता पाराशर, और सुमन कुमावत सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और धर्मप्रेमी मौजूद रहे।
