पुष्कर में अंतरराष्ट्रीय होली का आगाज़: ढोल की थाप और गुलाल के बीच झूमे सात समंदर पार से आए सैलानी
| हरि प्रसाद शर्मा
पुष्कर/अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले की पवित्र नगरी पुष्कर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय होली के रंगों में सराबोर हो उठी। विश्वप्रसिद्ध पुष्कर की होली का लुत्फ उठाने के लिए इस वर्ष भी देश-विदेश से हजारों पर्यटकों का हुजूम उमड़ा। ढोल की थाप, डीजे की धुन और गुलाल के बादलों के बीच विदेशी सैलानियों ने भारतीय संस्कृति के इस अनूठे पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया।
वराह चौक में उमड़ा जनसैलाब, विदेशी मेहमानों पर चढ़ा फाग का रंग
हर वर्ष की भांति इस बार भी होली का मुख्य केंद्र वराह चौक रहा, जहाँ ‘ला बेला होली यूथ मंडल’ द्वारा भव्य आयोजन किया गया। सुबह से ही चौक पर देसी और विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। सफेद लिबास में पहुंचे अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया के पर्यटकों पर जब राजस्थानी ढोल की थाप पड़ी, तो वे खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
हजारों की संख्या में एकत्रित जनसमूह ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। विदेशी सैलानियों का कहना था कि उन्होंने पुष्कर की होली के बारे में बहुत सुना था, लेकिन यहाँ आकर जो ऊर्जा और अपनापन महसूस हुआ, वह उनके जीवन का सबसे अविस्मरणीय अनुभव है।
मेला मैदान में बरसे रंग, डीजे की धुन पर थिरके कदम
वराह चौक के साथ-साथ मेला मैदान में भी उत्सव का माहौल चरम पर रहा। यहाँ विशेष रूप से डीजे और पानी की बौछारों का इंतजाम किया गया था। संगीत की तेज लहरों के बीच युवा और विदेशी पर्यटक पानी और रंगों की होली खेलते नजर आए। पुष्कर की गलियों में चारों ओर उड़ते गुलाल और ‘होली है’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को जादुई बना दिया।
सांस्कृतिक मेलजोल और पर्यटन को मिला बढ़ावा
पुष्कर की होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की एक अलग पहचान बन चुकी है। इस उत्सव से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा संबल मिला है।
- व्यापार में उछाल: कस्बे के होटल, गेस्ट हाउस और कैफे पूरी तरह पैक रहे।
- हस्तशिल्प की मांग: विदेशी पर्यटकों ने स्थानीय बाजारों से राजस्थानी पगड़ी, कुर्ते और हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी की।
- अनेकता में एकता: इस आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब दिखी जब जाति, धर्म और राष्ट्रीयता की सीमाओं को तोड़कर हर कोई सिर्फ ‘गुलाल’ के रंग में रंगा नजर आया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पुष्कर की होली की जीवंतता ही यहाँ हर साल पर्यटकों को खींच लाती है। विदेशी मेहमानों ने भारतीय मेहमाननवाजी और यहाँ के पारंपरिक व्यंजनों की भी जमकर प्रशंसा की।
