समयबद्ध रूप से व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर; पशुपालकों एवं पशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी
पुष्कर/अजमेर/ हरि प्रसाद शर्मा/आगामी नवंबर माह में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले की तैयारियों को लेकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मेला स्थल का सघन निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में पशुपालकों, पशुओं तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं और प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि मेला मैदान में नई सड़क के निर्माण के चलते पशुओं एवं पशुपालकों के लिए निर्धारित प्लॉट्स के नक्शे में आवश्यक संशोधन किया जा रहा है। संशोधित नक्शे के आधार पर ही मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं और भूखंड आवंटन को नए सिरे से सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले पशुपालकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आगे बताया कि निरीक्षण दल ने मेला क्षेत्र के मैदानी स्वरूप, आवागमन मार्गों, पशुओं के ठहराव स्थल तथा विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थलों का बारीकी से मुआयना किया है। मेला शुरू होने से पूर्व सभी बुनियादी सुविधाओं को चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. श्रीकांत खोड़वे ने जानकारी दी कि पुष्कर पशु मेले में राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पशुपालकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए उनके ठहरने, स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, पशुओं के लिए पानी की खेलियों और अन्य आवश्यक प्रबंधों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली के खंभे लगाने तथा निर्बाध पेयजल आपूर्ति की ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि पुष्कर पशु मेला राजस्थान की समृद्ध पशुपालन परंपरा और पशु संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। मेले में आने वाले पशुपालकों और पर्यटकों को सुविधाजनक व बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण दल में ये रहे शामिल:
निरीक्षण के दौरान डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़, डॉ. विक्रम सिंह शेखावत, डॉ. बच्चन सिंह गुर्जर, डॉ. आरुष ब्रह्मवर, डॉ. धर्मेंद्र चौधरी, डॉ. मृणाल, डॉ. श्रुतिकांत राणा, पशुधन निरीक्षक शंकर सिंह चौधरी, सुखदेव चोपड़ा एवं अंकित सहित विभाग के अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।