पुष्कर नगर परिषद की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं बनीं मिसाल: राज्य सरकार की मंशा को धरातल पर उतारा
| हरि प्रसाद शर्मा
पुष्कर/अजमेर। तीर्थराज पुष्कर में आयोजित विशाल धार्मिक समागम के दौरान नगर परिषद द्वारा की गई व्यवस्थाएं चर्चा और सराहना का विषय बनी हुई हैं। राज्य सरकार की स्वच्छ और सुव्यवस्थित आयोजन की मंशा को बल देते हुए परिषद ने इस बार धरातल पर व्यापक और प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की हैं।
स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष फोकस
नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा के निर्देशन में परिषद की टीम आयोजन स्थल पर निरंतर सक्रिय है। श्रद्धालुओं की भारी आवक के बावजूद स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का प्रबंधन उत्कृष्ट स्तर पर देखा जा रहा है।
प्रमुख व्यवस्थाएं एक नजर में:
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- स्वच्छता दस्ता: 15 विशेष कर्मचारियों की टीम पूरे क्षेत्र में तैनात की गई है, जो नियमित सफाई के साथ-साथ संक्रमण रोकने हेतु चूना पाउडर का छिड़काव भी कर रही है।
- सुलभ सुविधाएं: श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु अस्थाई टॉयलेट्स का निर्माण कराया गया है। साथ ही, यज्ञ स्थल के समीप दो मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
- प्रकाश व्यवस्था: रात्रि के समय सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए परिषद ने 50 से 60 अतिरिक्त रोड लाइट्स लगवाई हैं, जिससे पूरा क्षेत्र दूधिया रोशनी में नहाया हुआ है।
- आपातकालीन सेवा: किसी भी अनहोनी या अग्नि दुर्घटना से निपटने के लिए एक फायर ब्रिगेड मय तीन कर्मचारियों के साथ 24 घंटे मुस्तैद रखी गई है।
”इस बार नगर परिषद ने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारी भीड़ के बाद भी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू हैं।” — स्थानीय नागरिक व श्रद्धालु
सुशासन का दिख रहा असर
भारी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद जिस तरह से नगर परिषद ने प्रबंधन किया है, उसकी स्थानीय स्तर पर जमकर तारीफ हो रही है। आयुक्त जनार्दन शर्मा स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। परिषद के इन प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नियोजन सही हो, तो बड़े आयोजनों को भी आदर्श रूप में संपन्न कराया जा सकता है।
