पुष्कर घाटी में सुरक्षा दीवार तोड़कर खाई में गिरा बजरी से भरा डंपर, टला बड़ा हादसा; कार्रवाई के डर से चालक फरार

हरि प्रसाद शर्मा 

पुष्कर/अजमेर। तीर्थ नगरी पुष्कर और अजमेर को जोड़ने वाली संवेदनशील पुष्कर घाटी में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अवैध बजरी से ओवरलोड भरा एक तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर घाटी की सुरक्षा दीवार (पैरापिट) को तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर अन्य कोई वाहन नहीं था और डंपर के पलटने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के तुरंत बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया।

​यह हादसा एक बार फिर रात के अंधेरे में धड़ल्ले से चल रहे अवैध बजरी परिवहन के काले कारोबार और राहगीरों की सुरक्षा पर खड़े हो रहे बड़े सवालों को उजागर करता है।

​रात 2:30 बजे नौसर माता मंदिर के पास हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार रात्रि करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। बजरी से ओवरलोड भरा डंपर पुष्कर से अजमेर की तरफ जा रहा था। पुष्कर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर के नीचे ढलान वाले खतरनाक मोड़ पर डंपर की गति इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा।

​अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे बनी मजबूत सुरक्षा दीवार को तिनके की तरह तोड़ता हुआ नीचे खाई में पलट गया। देर रात घाटी में तेज धमाके की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन को भनक लगने से पहले ही आरोपी चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गया।

​पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ‘शॉर्टकट’ बनी पुष्कर घाटी

​सूत्रों के मुताबिक, इस रूट पर रात के समय बजरी माफिया बेहद सक्रिय रहते हैं। नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर पुलिस व परिवहन विभाग की नाकेबंदी और संभावित कार्रवाई से बचने के लिए माफियाओं ने पुष्कर घाटी को अपना सुरक्षित कॉरिडॉर (शॉर्टकट) बना लिया है।

​अवैध बजरी से भरे इन डंपरों को पकड़े जाने के डर से चालक रात के अंधेरे में बेहद तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं। पहाड़ी और घुमावदार रास्ता होने के कारण यहां हमेशा गंभीर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, जो इस हादसे के रूप में सच साबित हुआ।

​सरकारी दावों की खुली पोल: नियमों को ठेंगा दिखा रहे माफिया

कागजों में सख्ती, जमीन पर लापरवाही:

राजस्थान सरकार के सख्त निर्देश हैं कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। सरकार ने साफ आदेश दे रखे हैं कि अवैध बजरी परिवहन में लिप्त वाहनों को तुरंत सीज (डिटेन) किया जाए और चालकों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

​परंतु, पुष्कर घाटी में हुआ यह हादसा साफ बयां करता है कि जमीनी स्तर पर सरकार के इन कड़े नियमों की सरेआम अवहेलना हो रही है। रात के समय जांच एजेंसियों की ढिलाई का फायदा उठाकर बजरी माफिया बेखौफ होकर सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं।

​जांच में जुटी पुलिस

​घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्रेन की मदद से डंपर को खाई से निकालने और उसे जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही डंपर के नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार चालक की तलाश की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने घाटी में रात के समय पुलिस गश्त और नाकेबंदी बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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