पुष्कर के गायत्री शक्तिपीठ कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन, छात्राओं ने कविताओं व विचारों से बढ़ाया हिंदी का गौरव
पुष्कर/अजमेर। रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर। संपादन नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स।
गायत्री शक्तिपीठ कन्या महाविद्यालय, पुष्कर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेश वैष्णव ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम की झलक
- कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक प्रभारी श्रीमती रेणु खींची ने किया।
- छात्राओं ने हिंदी दिवस पर कविता पाठ किया और हिंदी भाषा के महत्व एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
- छात्राओं ने यह संदेश दिया कि हिंदी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता की पहचान है।
शिक्षकों की उपस्थिति
इस अवसर पर महाविद्यालय की सहायक आचार्य श्रीमती किरण सोनी, सुश्री बेबी बानो, डॉ. अंजली सक्सेना सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहे।
राष्ट्रीय सेवा योजना का संकल्प
कार्यक्रम प्रभारी विजय लक्ष्मी ने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम हिंदी का सम्मान करेंगे, इसे व्यवहार में अपनाएँगे और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देंगे। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हिंदी से जुड़कर हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और यही हमारी असली ताकत है।
हिंदी दिवस का महत्व
प्राचार्य डॉ. सुरेश वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी भाषा न केवल भारत की जन-जन की भाषा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, साहित्य और पहचान की धरोहर भी है। आज के समय में हिंदी का प्रयोग केवल बोलचाल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे प्रशासन, शिक्षा, तकनीक और व्यवसायिक क्षेत्रों में भी अपनाना होगा।