प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ही विकसित राजस्थान की आधारशिला; नशा तस्करी के खिलाफ एसपी बनाएंगे विशेष कार्ययोजना
जयपुर, 16 जून 2026 | गौरव कोचर
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संगठित अपराधों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय राज्यव्यापी अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महानिदेशक ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था ही ‘विकसित राजस्थान’ के सपने की असली आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश में लागू हुए नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से आम जनता का पुलिस प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है, इसे हमें और आगे ले जाना है।
अवैध संपत्तियां होंगी ध्वस्त, बैंक खातों पर रहेगी पैनी नजर
समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश के सभी रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) से उनके क्षेत्रों की आपराधिक घटनाओं और उन पर की गई कार्रवाई की फीडबैक रिपोर्ट ली। संगठित अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
- संपत्तियां होंगी जब्त व ध्वस्त: रंगदारी (धमकी देकर वसूली) करने वाले गिरोहों और गैंगस्टरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को तत्काल जब्त किया जाए और उन्हें ध्वस्त (बुलडोजर एक्शन) करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- वित्तीय कमर तोड़ना: अपराधियों के केवल नेटवर्क को ही नहीं, बल्कि उनकी वित्तीय रीढ़ को भी तोड़ना होगा। ऐसे गैंगस्टरों के बैंक खातों और अन्य सभी प्रकार के लेन-देन पर सतत निगरानी रखी जाए।
- झूठे मुकदमों पर एक्शन: पुलिस का समय बर्बाद करने और व्यक्तिगत रंजिश के तहत कानून का दुरुपयोग करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस अब कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
नशा तस्करों और साइबर ठगों के खिलाफ विशेष रणनीति
महानिदेशक ने समाज को खोखला कर रहे ड्रग्स नेटवर्क और बढ़ते साइबर अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है:
नशे के खिलाफ योजनाबद्ध अभियान: सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नशा तस्करी और इसके प्रसार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक कस्टमाइज्ड कार्ययोजना (प्लान) तैयार कर योजनाबद्ध अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी पर वार: वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराध, विशेषकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस को तुरंत रेस्पॉन्ड करने के निर्देश दिए गए हैं। अपराधियों को जल्द से जल्द ट्रैक कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इसके लिए थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को अनुसंधान (Investigation) के लिए नवीन तकनीकों का आधुनिक प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
संवेदनशीलता पर त्वरित रिपोर्टिंग और लंबित मामलों का निस्तारण
पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि कानून एवं सुरक्षा से जुड़ी किसी भी संवेदनशील घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि समय रहते सही मार्गदर्शन और आवश्यक अतिरिक्त बल या सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस थानों और कोर्ट में लंबित चल रहे पुराने प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए अभियान चलाने को कहा।
पूरे साल चलेगा सड़क सुरक्षा अभियान, थमेगी हादसों की रफ्तार
सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर बात करते हुए महानिदेशक भावुक और गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि:
”सड़क दुर्घटना केवल एक व्यक्ति को चोट नहीं पहुंचाती, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देती है।”
क्षेत्र / श्रेणी
लागू किए जाने वाले सख्त नियम व दिशा-निर्देश
हाईवे और शहरी क्षेत्र
राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य शहरी सड़कों पर ‘लेन अनुशासन’ (Lane Discipline) का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा।
प्रवर्तन कार्रवाई
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले, ओवरस्पीडिंग और ड्रंक एंड ड्राइव करने वालों के खिलाफ सख्त चालान और जब्ती की कार्रवाई होगी।
जनजागरूकता
केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को अब वर्षभर (365 दिन) अनिवार्य रूप से संचालित किया जाएगा।
नीट (NEET) परीक्षा की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था
आगामी नीट परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर भी बैठक में विशेष रणनीति बनाई गई। राजीव कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सरकार और विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अक्षरशः (Strict) पालना सुनिश्चित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए पल-पल की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
इस अत्यंत महत्वपूर्ण डिजिटल समीक्षा बैठक में पुलिस मुख्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, एडीजी, आईजी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के सभी पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौजूद रहे।