पुतलीकला प्रशिक्षण हेतु हैदराबाद जाएंगे गोड्डा के दो शिक्षक
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत कला आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल

(गोड्डा)। कला के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी, आनंदमय और बाल-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से गोड्डा जिले के दो शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया है। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), हैदराबाद द्वारा आयोजित “शिक्षा में पुतलीकला की भूमिका” विषयक विशेष प्रशिक्षण में गोड्डा के दो सहायक शिक्षक — रीतेश रंजन एवं सनातन कुमार दास — शामिल होंगे।
यह प्रशिक्षण 6 नवम्बर से 20 नवम्बर तक सीसीआरटी, हैदराबाद में आयोजित किया जाएगा। दोनों शिक्षक क्रमशः उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चिल्हा तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, विश्वासखानी (अंचल – महागामा) में कार्यरत हैं।
कला आधारित शिक्षण की नई दिशा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सहभागिता और अनुभवजन्य अधिगम पर विशेष बल दिया गया है। इस क्रम में पुतलीकला जैसी पारंपरिक कला विधाओं को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करने से बच्चों में कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलता है।
रीतेश रंजन ने प्रशिक्षण के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “इस प्रशिक्षण से हमें शिक्षण में रचनात्मक तकनीकों को अपनाने का अवसर मिलेगा। पुतलीकला के माध्यम से बच्चों को कठिन विषय भी रोचक ढंग से सिखाए जा सकेंगे।”
विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल
दोनों शिक्षकों के चयन पर विद्यालय परिवार, सहकर्मियों तथा स्थानीय समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। शिक्षकों का कहना है कि यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय है और इससे अन्य शिक्षकों को भी कला-आधारित शिक्षण विधियों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व
सीसीआरटी, हैदराबाद देशभर में शिक्षकों के बीच सांस्कृतिक शिक्षा और कला के एकीकरण को लेकर अग्रणी संस्थान है। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण में गोड्डा के दो शिक्षकों का चयन झारखंड के लिए भी गौरव का क्षण है। इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद दोनों शिक्षक जिले के अन्य शिक्षकों को भी इस विधा से अवगत कराएँगे, जिससे शिक्षण का वातावरण और अधिक जीवंत बन सके।