पीलोदि गाँव में हुए दर्दनाक स्कूली हादसे में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को पुष्कर में दी गई श्रद्धांजलि

पीलोदि गाँव में हुए दर्दनाक स्कूली हादसे में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को पुष्कर में दी गई श्रद्धांजलि
NSUI अध्यक्ष मधुसूदन मैक्स पाराशर के नेतृत्व में ब्रह्म घाट पर हुआ श्रद्धांजलि आयोजन

By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 28,2025

(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/पुष्कर।
झालावाड़ ज़िले के पीलोदि गाँव में हाल ही में हुए हृदयविदारक स्कूली हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई मासूम विद्यार्थियों की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस दुखद घटना को लेकर पुष्कर में भी शोक की लहर है।

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि देने हेतु रविवार को NSUI पुष्कर के तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा का नेतृत्व NSUI पुष्कर अध्यक्ष मधुसूदन मैक्स पाराशर ने किया। यह कार्यक्रम पवित्र पुष्कर सरोवर के ब्रह्म घाट पर आयोजित हुआ, जहाँ पुष्कर वासियों और छात्रों ने एकत्र होकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दीपदान व मौन प्रार्थना की।

कार्यक्रम के दौरान मधुसूदन पाराशर ने कहा, “यह केवल पीलोदि गाँव की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की आंखें खोलने वाली घटना है। बच्चों की सुरक्षा के लिए हमें जागरूक और सक्रिय होना पड़ेगा।” उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की भी मांग की।

श्रद्धांजलि सभा में गौरव पाराशर, हेमंत गुर्जर, साहिल चोहान, मानव सेन, गोपाल मेघवंशी, अशोक कुमार सहित NSUI से जुड़े कई छात्रनेता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

स्कूलों का किया जाएगा निरीक्षण

श्रद्धांजलि सभा के बाद NSUI टीम ने ऐलान किया कि पुष्कर नगर की सभी स्कूलों का निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल भवनों, कक्षाओं, छतों और दीवारों की मजबूती की जांच की जाएगी।

“जहां भी संरचनात्मक कमी या सुरक्षा में चूक पाएंगे, वहां की जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें,” – यह बात अध्यक्ष मधुसूदन पाराशर ने कही।

आम जनता और अभिभावकों से अपील

कार्यक्रम के अंत में NSUI ने आम जन, विशेषकर छात्रों के अभिभावकों से अपील की कि वे समय-समय पर स्कूल प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी लें और यदि किसी प्रकार की चूक दिखाई दे तो संबंधित विभाग को सूचित करें।


यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक संवेदना नहीं, बल्कि एक चेतना का आह्वान है – ताकि भविष्य में कोई और मासूम ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार न बने।


 

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