पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव का भव्य समापन:

पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव का भव्य समापन: सिटी पैलेस में गूंजी लोक धुनों और आधुनिक विमर्श की जुगलबंदी

जयपुर | 27 जनवरी, 2026

| योगेश शर्मा

​प्रिंसेस दीया कुमारी फाउंडेशन (पीडीकेएफ) द्वारा आयोजित ‘पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव’ के दूसरे संस्करण का मंगलवार को सिटी पैलेस में शानदार समापन हुआ। समापन दिवस पर परंपरा, तकनीक और आधुनिक संचार के संगम ने आगंतुकों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम की संकल्पना जयपुर की प्रिंसेस गौरवी कुमारी द्वारा की गई थी।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

प्राजक्ता कोली और रोसन्ना फाल्कनर: युवाओं की भूमिका पर चर्चा

​समापन सत्र का मुख्य आकर्षण “युथ एज एजेंट्स ऑफ चेंज, एक्टिविज़्म, एडवोकेसी और क्राफ्ट” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इसमें प्रसिद्ध डिजिटल क्रिएटर और ग्लोबल एडवोकेट प्राजक्ता कोली ने क्रिएटिव कंसल्टेंट रोसन्ना फाल्कनर के साथ संवाद किया।

  • संक्षिप्तता ही शक्ति है: चर्चा में यह बात सामने आई कि युवाओं में कम होती ध्यान देने की क्षमता (Attention Span) कोई बाधा नहीं, बल्कि एक अवसर है। स्पष्ट और संक्षिप्त स्टोरीटेलिंग के जरिए शिल्पकारों की कहानियों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से पेश किया जा सकता है।
  • सस्टेनेबिलिटी: प्राजक्ता ने रिस्पॉन्सिबल स्टोरीटेलिंग पर जोर देते हुए कहा कि जागरूक उपभोक्ताओं को शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स के बजाय दीर्घकालिक प्रभाव वाले सस्टेनेबल उत्पादों को चुनना चाहिए।

विपणन कौशल से सशक्त हुए कारीगर

​फेडरेशन ऑफ राजस्थान हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स (फोरहेक्स) द्वारा ‘इंट्रोडक्शन टू मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।

  • ​फोरहेक्स की सीईओ सोनल चित्रांशी ने कारीगरों को ब्रांडिंग और मार्केट आउटरीच की रणनीतियां समझाईं।
  • ​नीरजा की संस्थापक लीला बोर्डिया ने कहा कि आज के दौर में कारीगरों को उत्पादन के साथ-साथ मार्केटिंग और संचार के कौशल में भी दक्ष होना अनिवार्य है। इस अवसर पर फोरहेक्स अध्यक्ष रवि उतमानी भी मौजूद रहे।

सांस्कृतिक विरासत के रूप में शिल्प

​’क्राफ्ट एज ए कल्चरल आर्काइव’ सत्र में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि भारतीय शिल्प महज एक वस्तु नहीं, बल्कि जीवन अनुभवों का जीवंत संग्रह है। इस दौरान बताया गया कि किस प्रकार स्टोरीटेलिंग कारीगर और उपभोक्ता के बीच एक भावनात्मक सेतु का कार्य करती है।

विविध कलात्मक प्रस्तुतियाँ और भव्य समापन

​कलेक्टिव के समापन दिन को कला के विभिन्न रंगों से सजाया गया:

  • स्पोकन वर्ड पोएट्री: कविता और गति का प्रभावशाली संगम पेश किया गया।
  • घूमर और लोक संगीत: विशाखा सराफ के राजस्थानी घूमर नृत्य और टेटसेओ सिस्टर्स द्वारा नागालैंड के मधुर लोक संगीत की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
  • नाइट बाज़ार: पर्यटकों ने हस्तशिल्प की विरासत और नाइट बाज़ार के अनूठे अनुभव के साथ कार्यक्रम को विदाई दी।

सहयोगी और साझेदार

​यह कलेक्टिव एशियन एनर्जी सर्विसेज़ एवं ऑयलमैक्स द्वारा प्रजेंटेड और सहज द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम में द लीला (हॉस्पिटैलिटी पार्टनर), आईआईसीडी (इंस्टीट्यूशन पार्टनर), फोरहेक्स (नॉलेज पार्टनर) और जयपुर विरासत फ़ाउंडेशन सहित कई संस्थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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