जयपुर, 25 जून 2026 / नरेश गुनानी/राजस्थान के 944 बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित पीटीईटी परीक्षा—2026 का परीक्षा परिणाम गुरुवार को जयपुर में घोषित कर दिया गया। उपमुख्यमंत्री एवं उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने इस परिणाम की आधिकारिक घोषणा की। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के परिणाम घोषित होने के अवसर पर मुख्य समन्वयक एवं कुलगुरु प्रोफेसर बी.एल. वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
परीक्षा परिणाम के मुख्य आकर्षण और टॉपर्स
परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विक्रम राठौड़ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष परीक्षा में कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
- प्रथम स्थान (संयुक्त रूप से): भरतपुर के कार्तिक कुमार गर्ग और चुरू के जयप्रकाश बिस्सू ने 600 में से 509 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
- द्वितीय स्थान: उदयपुर के मनोज नागदा 600 में से 508 अंक पाकर दूसरे स्थान पर रहे।
- तृतीय स्थान: नागौर के युवराज ने 600 में से 507 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
परिणाम जारी करने के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने टॉपर्स से मोबाइल फोन पर बात की, उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
महज 10 दिनों में परिणाम जारी कर VMOU ने रचा इतिहास
उपमुख्यमंत्री ने वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय को बेहतरीन गवर्नेंस और कुशल प्रबंधन के लिए बधाई दी। कुलगुरु प्रोफेसर वर्मा के कुशल निर्देशन में पूरी टीम ने परीक्षा के सफल आयोजन से लेकर महज 10 दिनों के भीतर समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
इस दौरान कार्यक्रम में पीटीईटी समन्वयक प्रो. क्षमता चौधरी, डॉ. संदीप हुडा, डॉ. अकबर अली सहित विश्वविद्यालय के अन्य कार्मिक और मीडियाकर्मी भी मौजूद रहे।
रोजगारोन्मुखी शिक्षा और युवाओं का सशक्तिकरण
इस खास मौके पर डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने राज्य सरकार के विजन को साझा करते हुए कहा:
”प्रदेश की जनकल्याणकारी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है और उनके लिए रोजगार के नए मार्ग प्रशस्त कर रही है। पीटीईटी-2026 में सफल होने वाले सभी अभ्यर्थी भविष्य में आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए नवाचारों, उच्च गुणवत्ता और पूरी पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को और अधिक मजबूत और सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भावी पीढ़ी को संस्कारवान शिक्षा मिल सके।
आदर्श शिक्षा व्यवस्था का निर्माण ही मुख्य उद्देश्य
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.एल. वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखती है। विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में एक ऐसी आदर्श शिक्षा व्यवस्था को खड़ा करना है जो विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल के साथ-साथ नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध करे। उन्होंने बीएड संस्थानों में प्रवेश लेने जा रहे सभी सफल अभ्यर्थियों से खुद को समाज में एक आदर्श शिक्षक के रूप में स्थापित करने का आग्रह किया।