पीएम-युवा 3.0: जयपुर इग्नू के छात्र ने रचा इतिहास, संस्कृत भाषा में देशभर से एकमात्र चयन

पीएम-युवा 3.0: जयपुर इग्नू के छात्र ने रचा इतिहास, संस्कृत भाषा में देशभर से एकमात्र चयन

जयपुर, 3 फरवरी 2026

| गौरव कोचर

​भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना’ (पीएम-युवा 3.0) के परिणामों में गुलाबी नगरी के नाम एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), जयपुर क्षेत्रीय केंद्र के छात्र नरेन्द्र प्रताप सिंह का चयन इस योजना के अंतर्गत संस्कृत विषय में हुआ है। उल्लेखनीय है कि संस्कृत भाषा की श्रेणी में पूरे भारत से चयनित होने वाले वे एकमात्र अभ्यर्थी हैं।

​नरेन्द्र प्रताप सिंह इग्नू जयपुर के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र में एम.ए. (हिन्दू अध्ययन) के छात्र हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल राजस्थान बल्कि इग्नू विश्वविद्यालय को भी गौरवान्वित किया है।

लेखन का अनूठा विषय: संस्कृत में ‘मास्टर ब्लास्टर’ की गाथा

​नरेन्द्र प्रताप सिंह का चयन उनके द्वारा प्रस्तावित एक नवाचारी विषय के आधार पर हुआ है। उनके लेखन का स्वीकृत विषय है:

“आधुनिक भारत के निर्माता: सचिन तेंदुलकर”

 

​इस परियोजना के माध्यम से वे भारतीय खेल परंपरा और क्रिकेट जगत की तकनीकी शब्दावली को संस्कृत भाषा में लिपिबद्ध करेंगे। यह आधुनिक खेल नायकों को प्राचीन भाषा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक अनूठा प्रयास माना जा रहा है।

कठिन चयन प्रक्रिया और स्कॉलरशिप

​पीएम-युवा 3.0 के लिए देशभर से लाखों युवाओं ने आवेदन किया था। तीन चरणों के कड़े परीक्षण और गहन मूल्यांकन के बाद अंतिम सूची तैयार की गई। चयनित होने पर नरेन्द्र प्रताप सिंह को निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त होंगी:

  • आर्थिक सहायता: 6 माह तक ₹50,000 प्रति माह (कुल ₹3 लाख) की छात्रवृत्ति।
  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन: नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के संपादकों और प्रतिष्ठित विद्वानों से प्रशिक्षण।
  • प्रकाशन एवं रॉयल्टी: तैयार पांडुलिपि का प्रकाशन और उस पर 10% रॉयल्टी।
  • बहुभाषी विस्तार: उनकी कृति का अन्य भारतीय भाषाओं में भी अनुवाद किया जाएगा।

क्षेत्रीय केंद्र में हर्ष का माहौल

​इग्नू जयपुर की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ममता भाटिया ने नरेन्द्र प्रताप सिंह को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत विषय में एकमात्र चयन यह दर्शाता है कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी शोध और नवाचार के केंद्र में है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

​इस अवसर पर क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारियों, शिक्षकों और सहपाठियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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