जयपुर/ नरेश गुनानी,/राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश का किसान अब अन्नदाता के साथ-साथ ‘ऊर्जादाता’ के रूप में भी सशक्त पहचान बना रहा है। राज्य सरकार किसानों की आत्मनिर्भरता, आर्थिक सुरक्षा और हरित ऊर्जा के विस्तार के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।
हरित ऊर्जा में राजस्थान का परचम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना केवल सौर ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए अतिरिक्त आय और आर्थिक संबल का मजबूत साधन बनी है:
- संयंत्रों की स्थापना: प्रदेश में योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत 5 हजार मेगावाट से अधिक कुल क्षमता के 2,300 से अधिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
- राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल: फीडर स्तर पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता के मामले में राजस्थान देश भर में पहले स्थान पर है।
किसानों को दिन में बिजली और ग्रिड का विस्तार
राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में 26 जिलों के 3.34 लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण: प्रसारण तंत्र को मजबूत करने के लिए 400, 220 और 132 केवी के 61 ग्रिड सब-स्टेशन तथा 33 केवी के 498 सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
- ऊर्जा भंडारण: ग्रिड स्थिरता और निरंतर आपूर्ति के लिए 12,400 मेगावाट-ऑवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।
किसान कल्याण की अन्य प्रमुख योजनाएं
संवाद के दौरान किसानों की आय सुरक्षा के लिए उठाए गए अन्य कदमों का भी उल्लेख किया गया:
- किसान सम्मान निधि: राज्य में सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष किया गया है।
- बिजली अनुदान: कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की गई है।
- गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना: राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों व पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सौर ऊर्जा उत्पादक किसान उपस्थित रहे। साथ ही, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर से बड़ी संख्या में किसान एवं प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।