पीएम कुसुम योजना ने अन्नदाता को बनाया ऊर्जादाता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर/ नरेश गुनानी/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली के लिए ‘बीज से बाजार’ तक की व्यापक रणनीति के तहत अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और पीएम-कुसुम जैसी पहलों से किसानों की आय लगातार सुरक्षित और मजबूत हो रही है। पीएम कुसुम योजना के माध्यम से देश का किसान अब केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ के रूप में भी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है।

​मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

​सौर ऊर्जा और फीडर क्षमता में राजस्थान देश में अव्वल

​मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-कुसुम योजना किसानों के लिए मात्र एक सौर ऊर्जा योजना नहीं है, बल्कि यह उनकी अतिरिक्त आय और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत साधन बन चुकी है।

  • ​प्रदेश में योजना के कम्पोनेंट-ए और कम्पोनेंट-सी के तहत अब तक 5 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के 2,300 से ज्यादा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
  • ​फीडर स्तर पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता के मामले में राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर अपनी जगह बना चुका है।

​वर्ष 2027 तक हर जिले के किसान को दिन में मिलेगी बिजली

​किसानों को नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा:

  • ​राज्य सरकार का संकल्प है कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाए।
  • ​वर्तमान में 26 जिलों के 3 लाख 34 हजार से अधिक किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है, जिसका विस्तार जल्द ही शेष सभी जिलों में भी किया जाएगा।
  • ​विद्युत प्रसारण तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य में 400, 220 और 132 केवी के 61 ग्रिड सब-स्टेशन तथा 33 केवी के 498 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
  • ​इसके अतिरिक्त, ग्रिड की स्थिरता और बैकअप के लिए 12,400 मेगावाट ऑवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता (BESS) विकसित करने की परियोजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है।

​किसान कल्याण के लिए राज्य सरकार के प्रमुख कदम

​मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर बड़े फैसले ले रही है:

  1. ​किसान सम्मान निधि में वृद्धि: राज्य में किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
  2. ​बिजली बिलों में सब्सिडी: किसानों पर आर्थिक भार कम करने के लिए बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान (सब्सिडी) दिया गया है।
  3. ​ब्याज मुक्त ऋण: राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत पात्र किसानों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

​संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों और किसानों की भागीदारी

​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादक किसानों से सीधे बातचीत की और योजना के कारण उनके जीवन व आय में आए सकारात्मक बदलावों के अनुभव साझा किए।

​इस अवसर पर ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जयपुर में उपस्थित किसान मौजूद रहे। साथ ही जोधपुर, बीकानेर और अजमेर संभागों से भी प्रशासनिक अधिकारी और सौर ऊर्जा उत्पादक किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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